सागर(नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के गढ़ाकोटा के नटराज आडिटोरियम में आयोजित लघु पुण्य विवाह समारोह में 153 जोड़ों के विवाह एवं तीन जोड़ों का निकाह हुआ। 19 मई को भी गढ़ाकोटा में कन्यादान समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 800 जोड़ों के विवाह संपन्ना हुए थे। समारोह के आयोजक एवं स्वागताकांक्षी लोक निर्माण एवं कुटीर ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि अपना वैवाहिक जीवन प्रारंभ कर नव-दम्पतियों के लिए ईश्वर से मैं प्रार्थना करता हूं कि उनका दांपत्य जीवन सफल हो। आनंदमय हो, गृह शांति रहे, प्रभु से यही प्रार्थना है। 19 मई को आयोजित हुए कन्यादान समारोह में जो कागजी खानापूर्ति की वजह से रह गए थे, उनके आग्रह पर आज यह लघु पुण्य विवाह का आयोजन किया गया है।

श्री भार्गव ने बताया कि कन्यादान समारोह की परंपरा मेरे द्वारा 2001 से चल रही है। 2001 मे छिरारी गांव मे अहिरवार समाज के कन्याओं का कन्यादान लिया था । इसके बाद लगातार मैंने 19 विवाह समारोह आयोजित करवाए । 2005 से कन्यादान योजना बनी। योजना की जनक कोई है तो रहली विधानसभा है। ऐसे परिवार जो पैसे के अभाव के कारण, गरीबी के कारण माता-पिता कर्जदार न बने और धन के अभाव में किसी का विवाह न रुके इसलिए घर से शादी कर लेते हैं बाद में शादी करने के बाद लोग कहते हैं कि भैया हमने तो कर ली। जमीन बेच दी जमीन गिरवी रख दी। चुकाते चुकाते सिर के बाल भी झड़ जाते हैं और बुढ़ापा आ जाता है । जब चुका पाते हैं। मैंने अपने इकलौते पुत्र एवं डा. बेटी का विवाह भी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के माध्यम से कराया था। 19 वें सम्मेलन मे भी कुशवाहा , कुर्मी , लोधी , ठाकुर, ब्राह्मण, जैन समाज सहित के सभी 38 समाजों के बेटे- बेटियों के विवाह हुए। हमारी सामाजिक संस्कृति यही कहती है कि कोई नीचा नही है कोई ऊंचा नहीं है ।भगवान ने सबको बराबर बनाया है। सबके लिए वही अंग, शरीर वही सब कुछ दिया है। इसलिए आपस में भेदभाव नहीं रखना चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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