सागर(नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जिले में जहां सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहे हैं वहां प्रशासन की चालानी कार्रवाई बेअसर साबित हो रही है। मकरोनिया व कैंट क्षेत्र में गाइडलाइन की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं, लेकिन यहां जिला प्रशासन द्वारा सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। वहीं जिले के बिलहरा क्षेत्र में एक कोरोना संदिग्ध वृद्ध ने आग लगाकर जान दे दी, जिसका पोस्टमार्टम करने कोरोना गाइडलाइन के अनुसार बीएमसी भेजा गया।

जिले में प्रशासन की उदासीनता के चलते कोरोना महामारी बेकाबू होती जा रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन से लेकर मास्क व शारीरिक दूरी सहित अन्य नियमों का पालन कराने में प्रशासन द्वारा गंभीर लापरवाही दिखाई जा रही है, जिस करण जिले में प्रतिदिन कभी दो सौ से ज्यादा तो कभी तीन सौ से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। मकरोनिया, कैंट, गोपालगंज, विवि एवं बीएमसी कैंपस आदि स्थानों पर बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन यहां लोग मास्क पहनने में लगातार लापरवाही दिखा रहे हैं। इस कारण जिले में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।

चालान कटरा और सिविल लाइन में, मरीज बीएमसी और मकरोनिया में मिल रहे

जिला प्रशासन द्वारा कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने में सिर्फ औपचारिकता की जा रही है। मकरोनिया, कैंट और बीएमसी के आसपास बिना मास्क घूमने वालों व शारीरिक दूरी का पालन करने वालों के खिलाफ सख्ती से चालानी कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन के अधिकारी औपचारिकता के तौर पर सिर्फ कटरा जामा मस्जिद व सिविल लाइन क्षेत्र में ही रोको टोको अभियान चलाया जा रहा है, जबकि कैंट क्षेत्र, मकरोनिया और बीएमसी के आसपास सख्ती दिखाने की जरूरत है। शहर के कुछ वार्ड ऐसे हैं जहां अधिकांश लोग बिना मास्क ही घूमते हुए नजर आते हैं।

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कोरोना संदिग्ध ने आग लगाकर दी जान

बिलहरा। देसी शराब दुकान के पीछे एक वृद्ध ने आग लगाकर जान दे दी। वृद्ध का कोरोना का उपचार चल रहा था और वह चार-पांच दिन पहले ही सागर बीएमसी से आया था। जानकारी अनुसार 70 वर्षीय एक वृद्ध ने अज्ञात कारणों के चलते आग लगाकर जान दे दी। इस वृद्ध को कुछ समय पूर्व कोरोना हुआ था और उपचार के लिए उसे सागर बीएमसी में भर्ती कराया गया था। चार-पांच दिन पहले वह बिलहरा वापस आ गया था और देसी शराब दुकान के पास बने एक झोपड़े में अकेला रह रहा था। रात्रि में उसने आग लगाकर जान दे दी। कोरोना संदेह के कारण पुलिस ने नगर परिषद के कर्मचारियों को बुलाया। पीपीई किट पहने आए नप कर्मियों ने वृद्ध के शव को पीएम के लिए सागर भेजा। हालांकि सीएमओ राजेश खटीक का कहना है कि वृद्ध स्वस्थ हो चुका था और उसे कोरोना नहीं था। पुलिस ने मर्ग कायमी कर मामला जांच में ले लिया है।

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260 कोरोना संक्रमित मिले, दस दिन में दो हजार से ज्यादा मिले

जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 250 से नीचे नहीं आ रहा है। पिछले दस दिनों में जिले के अंदर दो हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, लेकिन इसके बाद भी कई लोग लापरवाही दिखा रहे हैं। लोग कोरोना महामारी को अब भी मामूली समझ रहे हैं, जबकि पिछले कुछ दिनों में चार लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं कोरोना की दूसरी लहर में आलम यह था कि प्रतिदिन यह आंकड़ा 30 से ज्यादा तक पहुंचने लगा था। बीएमसी के मीडिया प्रभारी डा. उमेश पटैल ने बताया कि बीएमसी की वायलाजी लैब से जिले में शुक्रवार को 260 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इन मरीजों में से कुछ मरीजों को बीएमसी में भर्ती कराया गया है, जबकि कई लोग होम आइसोलेशन में हैं। संक्रमित मरीज कैंट, मकरोनिया और गोपालगंज थाना क्षेत्र सहित जिले के अन्य कई इलाकों में मिले हैं। इन संक्रमित मरीजों में बच्चे भी शामिल हैं। डा. पटैल ने लोगों से मास्क पहनने व कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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