जलसंकट : टड़ा से से सौ कदम की दूरी पर बसे उमरिया गांव की व्यथा,

पानी की समस्या

गांव में नल-जल योजना नहीं पहुंचने से परेशान हैं ग्रामीण

उमरिया गांव के लोग पानी के लिए टड़ा पर आश्रित

टड़ा (नवदुनिया न्यूज)

केसली ब्लॉक की टड़ा ग्राम पंचायत में जहां नल-जल योजना का लाभ मिलने से ग्रामीण पानी की किल्लत से छुटकारा पा चुके हैं, वहीं इस गांव से करीब सौ कदम दूरी पर बसे उमरिया गांव में लोग अभी भी बूंद-बूंद पानी को मोहताज हैं। टड़ा गांव के अधिकतर ऑफिस व शिक्षण संस्थान उमरिया गांव में ही हैं, इसके बाद भी यहां तक नल-जल योजना का विस्तार नहीं किया गया। इससे उमरिया गांव के लोग पूरी तरह से टड़ा गांव पर ही पानी के लिए आश्रित हैं। उमरिया गांव अर्जुनी ग्राम पंचायत के तहत आता है, लेकिन अर्जुनी की इससे दूरी जहां साढ़े तीन किमी है, वही टड़ा से यह बिल्कुल सटा हुआ। टड़ा जाने पर यह लगता ही नहीं कि अलग गांव है। एकरूप से तो यह टड़ा से ही जुड़ गया है, लेकिन चंद कदम के फासले पर पानी की समस्या को लेकर दो तस्वीरें सामने आती हैं। टड़ा में जहां लोग पानी को परेशान रहते हैं, वहीं उमरिया गांव के लोग पानी के लिए यहां वहां भटकते हैं।

उमरिया गांववालों का कहना है कि उमरिया गांव टड़ा ग्राम पंचायत से सटा हुआ है, लेकिन टड़ा ग्राम पंचायत में तो एक करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से जलावर्धन योजना की सौगात दे दी, लेकिन हमारे क्षेत्र को इस योजना से वंचित रखा गया है। इससे यहां के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। लोग दोपहर में भी ड्रम व कुप्पों को लेकर पानी के लिए भटकते रहते हैं।

पहले टड़ा पंचायत से ही मिल रहा था लाभ

उमरिया गांव के लोगों का कहना है कि उनका गांव अर्जनी ग्राम पंचायत के तहत आता है, लेकिन अर्जनी से उसकी दूरी साढ़े तीन किमी है। वहीं टड़ा से इसकी सीमा मिली हुई है। नई जलावर्धन योजना के पहले उमरिया गांव में टड़ा ग्राम पंचायत की नल-जल योजना के तहत ही पानी की सप्लाई होती थी, लेकिन जब 1 करोड़ 68 लाख रुपये की नई योजना बनी, उसके बाद से हमारे गांव को अलग कर दिया गया। गांव के भाजपा नेता उमेश श्रीवास्तव का कहना है कि उमरिया गांव भले ही दूसरी पंचायत में आता है, लेकिन यह टड़ा पंचायत का ही हिस्सा है। उमरिया में ही टड़ा ग्राम पंचायत का उप स्वास्थ्य केंद्र, हायर सेकंडरी स्कूल, मिडिल स्कूल, शासकीय छात्रावास बना है। ऐसे में नल-जल योजना से इसको अलग करना लापरवाही ही कहा जाएगा। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि उमरिया के लोगों को नई जलावर्धन योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किए गए हैं। पूर्व मंत्री ने भी इसके लिए आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक यह कार्य संभव नहीं हो पाया है।

वहीं उमरिया गांव निवासी जयकुमार रैकवार, मनीष रैकवार, नरेश पाल, संजू सोनी, बृजमोहन राजपूत, जितेंद्र साहू, विमल साहू, देवेंद्र साहू, अनिल जैन, राजकुमार जैन, राजकुमार नामदेव, निशा सोनी, लीला रजक का कहना है कि हमारी गांव के आबादी भी अच्छी खासी है। गांव टड़ा से सटा है। यहां नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन न बिछाए जाने से पानी की बहुत परेशानी हो रही है। उमरिया गांव में कोई भी जलस्रोत सफल नहीं है। हैंडपंप भी बंद पड़े हैं। ऐसे में लोग टड़ा जाकर ही पानी का इंतजाम कर रहे हैं। लोग सुबह, शाम व दोपहर में कुप्पे लेकर पानी के लिए भटकते हैं। कई लोग तो मालवाहकों पर ड्रम आदि बांधकर पानी का इंतजाम करते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे यहां की आबादी एक हजार से अधिक है।

रिवाइज लाइन पर काम चल रहा है

उमरिया गांव दूसरी ग्राम पंचायत में आता है लेकिन टड़ा ग्राम पंचायत से सटा है। यहां लोग आग टड़ा पर ही आश्रित हैं। इसी के देखते हुए पीएचई को रिवाइज लाइन के लिए प्रस्ताव भेजा था, यह मंजूर भी हो गया है। फिलहाल टड़ा से ही वहां लाइन भेजी गई है, जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है। कुछ वार्डों में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। इससे समस्या हो रही है। अर्जुनी ग्राम पंचायत के सरपंच से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। रिवाइज लाइन बिछ जाने के बाद उमरिया में भी पानी की दिक्कत नहीं रहेगी।

मुकेश सोनी, सरपंच, ग्राम पंचायत टड़ा

2804 एसजीआर 151 टड़ा। उमरिया गांव के कुओं का पानी तलहटी तक पहुंच गया हैं, जहां से यह लोग पानी भर रहे हैं।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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