बीना (नवदुनिया न्यूज)। रेवांचल एक्सप्रेस में लाखों की लूट के बाद प्लेटफार्म पर जीआरपी की हलचल तेज हो गई है। सोमवार को स्टेशन पर विशेष अभियान चलाकर जीआरपी ने वेंडरों को आईडेंटी कार्ड चैक किए। प्लेटफार्म पर वेंडरों की धरपकड़ शुरु होते ही कई वेंडर प्लेटफार्म से भाग गए। जीआरपी के हाथ सिर्फ 30 वेंडर लगे जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। यदि सुनियोजित तरीके से कर्रवाई को अंजाम दिया जाता तो कई अवैध वेंडर जीआरपी के हाथ लग सकते थे।

जीआरपी से मिली जानकारी के मुताबिक लूट की बारदात को अवैध वेंडरों से जोकर देखा जा रहा है। इसके चलते जीआरपी ने प्लेटफार्म पर अवैध वेडरों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया। लेकिन यह अभियान पुलिस थाने के आसपास तक सीमित रहा। ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म पर आकर खड़ी हुई जीआरपी ने करीब 30 वेंडरों को घेरकर पुलिस थाने में बैठा लिया। कार्रवाई की खबर लगते ही प्लेटफार्म पर खानपान का सामान बेच रहे अन्य वेंडर स्टेशन से भाग गए। रेलवे सूत्रों ने बताया कि प्लेटफार्म पर जिस समय कार्रवाई चल रही उस समय वेंडरों भगदड़ जैसा माहौल था। कोई स्टेशन से बाहर निकल गया तो कोई कैंटीन और स्टॉल में जाकर खड़ा हो गया। यह कार्रवाई सुनियोजित तरीके से प्लेटफार्म के सभी वेंडरों को पकड़कर की जाती तो कई अवैध वेंडर जीआरपी के हाथ लग सकते थे। इसके अलावा सूत्रों ने बताया कि जीआरपी ने जिन वेंडरों को पकड़कर आई कार्ड चेक किए हैं, यदि उनका सत्यापन स्टेशन प्रबंधक के रजिस्टर से मिलान करके किया जाते तो पकड़े गए वेंडरों में अवैध मिल सकते थे। लेकिन अधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है।

रजिस्टर में नोट किए नाम

प्लेटफार्म से जिन 30 वेंडरों को गिरफ्तार किया है उन सभी के कार्ड चेक करके रजिस्टर में नोट किए गए हैं। लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वेंडरों पास जो कार्ड मिले हैं वह सभी असली हैं। क्योंकि कई लोग कार्ड स्कैन कराकर नाम और फोटो बदलकर अवैध वेंडरों से खानपान का सामान बिकवा रहे हैं। इन्हें तभी पड़का जा सकता है कि जब स्टेशन प्रबंधक के रजिस्टर के साथ इनका मिलान किया जाए। लेकिन जीआरपी सूत्रों ने बताया कि स्टेशन प्रबंध आसानी से रजिस्टर या वैध वेंडरों की लिस्ट नहीं देता। इसके चलते वेंडरों से पूछताछ करते रजिस्टर तैयार किया जा रहा है।

एक भी अवैध वेंडर नहीं मिला

वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर वेंडरों से पूछताछ की गई है। ट्रेन पर खाना बेचने आए करीब 30 वेंडरों के आई कार्ड चैक किए गए हैं। इनमें से किसी के पास फर्जी कार्ड नहीं मिला है। इसलिए सभी के नाम, पता नोट करके छोड़ दिया गया है।

अजय धुर्वे, प्रभारी, जीआरपी थाना, बीना

Posted By: Nai Dunia News Network

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