बीना (नवदुनिया न्यूज)। मध्यभारत के प्राचीन शहर ऐरण तक आने जाने के लिए हजारों साल पहले राजाओं में राजमार्ग बनाया था। यह मार्ग मथुरा से शुरू होकर भृगुकच्छ बंदरगाह तक जाता था। लेकिन वर्तमान में इस एतिहासिक स्थल तक आने जाने के लिए पक्की सड़क भी नहीं है। इससे न सिर्फ गांव वालों को परेशानी होती है, बल्कि ऐरण भ्रमण पर आने वाले पर्यटक भी उबड़ खाबड़ रास्ता देखकर लौट जाते हैं। बावजूद इसके 15 साल से महज पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। पक्की सड़क न होने के कारण लोग चाहकर भी ऐरण जाने से पहरेज करते हैं।

मध्यभारत का यह प्राचीन शहर ऐरण बीना तहसील में आता है। मंडीबामोरा पुलिस चौकी से ऐरण की दूरी बामुश्किल 15 किलोमीटर है। मंडीबामोरा से धंसरा तक पक्की सड़क है, लेकिन धंसरा से ऐरण तक पांच किलोमीटर सड़क करीब 15 साल से उखड़ी पड़ी है। यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। स्थिति यह है कि बारिश में पैदल चलकर ऐरण आने जाने में परेशानी होती है। जबकि यह बात जानकर हैरानी होगी कि ऐरण प्राचीन काल में देश के मुख्य व्यापारिक मार्ग पर स्थित था। इसका जिक्र ऐरण पर लिखी गई पुस्तक, ऐरण एक सांस्कृतिक धरोहर में मिलता है। पुस्तक के अनुसार उत्तरभारत को मध्य और दक्षिण भारत से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग मुथरा से शुरू होता था। मथुरा से होकर मऊरानीपुर-झांसी-देवगढ़ से होते हुए ऐरण के पास छपरेट घाट से निकलता था। आगे यह विदिशा-भोपाल-उज्जैन से होते हुए प्राचीन बंदरगाह भृगुकच्छ (गुजरात) को जोड़ता था। इस किताब में ऐरण को समृद्ध, सुंदर और सुरक्षा की दृष्टि से मध्यभारत का प्रमुख शहर बताया है। लेकिन वर्तमान में यह शहर उपेक्षा का शिकार हैं। स्थिति यह है कि पक्की सड़क न होने के कारण पैदल जाने जाने में भी परेशानी होती है।

ऐरण आते थे विदेशी पर्यटक

ऐरण निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि ऐरण में कुछ साल पहले रोज दर्जनों लोग घूमने आते थे, यहां तक विदेशी पर्यटक भी यहां बड़ी संख्या में आया करते थे। लेकिन पुरास्थल ऐरण तक पक्की सड़क न होने के कारण लोगों को आने जाने में भारी असुविधा होती है। परेशानी के चलते बहुत कम लोग आते जाते हैं। चारों तरफ से ऐरण को मुख्य सड़कों से जोड़ दिया जाए तो यहां रोज मेला लगेगा। क्योंकि ऐरण राष्ट्रीय महत्व की कलाकृतियां हैं जिन्हें लोग देखना पसंद करते हैं।

पांच साल से कर रहे मांग

सड़क के संबंध में ऐरण निवासी जगपाल राजपूत का कहना है कि गांव के लोग पांच साल से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। एक साल पहले धंसरा रोड पर चक्का जाम भी किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने आश्वासन देकर जाम खत्म कर दिया था। बावजूद इसके अब तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

टेंडर हो चुका है

यह सड़क पहले पीडब्ल्यूडी की थी, बाद में इसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल कर लिया गया है। सड़क का टेंडर भी हो चुका है, बारिश खत्म होते ही सड़क निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।

केके अग्रवाल, इंजीनियर, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, बीना

Posted By: Nai Dunia News Network

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