बीना (नवदुनिया न्यूज)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर शनिवार को शासकीय गर्ल्स कॉलेज में प्रशिक्षण एवं वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शामिल हुए वक्ताओं ने नई शिक्षा नीति को व्यावहारिक शिक्षा एवं चरिण निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में का मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए शासकीय पीजी कॉलेज के प्रो. अजीत कुमार जैन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को शोध परक, व्यावहारिक शिक्षा एवं चरित्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जैसी शिक्षा स्वामी विवेकानंद अपने विद्यार्थियों को देना चाहते थे नई शिक्षा नीति के माध्यम से आज वह सार्थक हो गई। प्राचार्य डॉ. चंदा रत्नाकर ने कहा कि शिक्षा को तकनीकी एवं रोजगार से जोड़ने का एक सफल प्रयास है। ज्ञान का विस्तार ही व्यक्ति को आगे बढ़ाता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रभारी डॉ. निशा जैन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विजन भारतीय मूल्यों पर आधारित है। जिसमें विद्यार्थी को एक नैतिक निर्णय लेने के लिए तार्किक ढांचा दिया जाएगा।नोडल अधिकारी डॉ. उमा लवानिया ने कहा कि विद्यार्थी विषयों का चयन करके विकल्प भरकर व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ व्यवसायिक ज्ञान भी प्राप्त कर सकत हैं। डॉ. रश्मि जैन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में लचीलापन है जो गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी होगी की बात कही। इसी तरह डॉ. रश्मि द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से विद्यार्थी के व्यक्तित्व का विकास होगा। प्रकाश चंद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को छात्रों आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। इस अवसर पर नवीन नामदेव, नीता नामदेव, मनीता राजपूत, राजीव लोधी, अरुण उपाध्याय, नम्रता गर्ग, शुभी जैन, आरती राजपूत, डॉ. हरिशंकर सेन, प्रशांत कुशवाहा, अनिल विश्वकर्मा मुख्य रूप से उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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