- नामांतरण कराने की एवज में 6 हजार रुपए लिए थे

सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

लोकायुक्त संगठन सागर की टीम ने शुक्रवार देर शाम केसली राजस्व मंडल के पटवारी रामराज चौधरी को सहजपुर में 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि अक्सर रिश्वत लेने पटवारी लोगों को अपने निजी कार्यालय या निवास पर बुलाते हैं, लेकिन इस मामले में पटवारी शिकायतकर्ता के घर रिश्वत लेने गया था।

जानकारी के अनुसार पटवारी चौधरी केसली राजस्व मंडल के पटवारी हल्का नंबर 42 सहजपुर में पदस्थ है। उन्होंने गांव के धर्मेंद पिता हीरालाल चौरसिया से पत्नी के नाम जमीन की बंदी बनाने एवं जमीन का नामांतरण कराने की एवज में 6 हजार रुपए रिश्वत में मांगे थे। आवेदक धर्मेंद्र ने पत्नी के नाम बंदी व नामांतरण कराने का आवेदन केसली तहसीलदार कार्यालय में दिया था। तहसीलदार ने आवेदन मार्क कर क्षेत्र के पटवारी को भेज दिया था। पटवारी करीब दो माह से आवेदक को चक्कर लगवा रहे थे। अंत में 6 हजार रुपए देना तय हुआ था। आवेदक रिश्वत देना नहीं चाहता था, इसलिए उसने दो दिन पहले सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी।

जांच में शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त निरीक्षक अभिषेक वर्मा, बीएम द्विवेदी व उनकी टीम ने आवेदक के घर दबिश देकर पटवारी चौधरी को 6 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। रुपए आरोपित के कब्जे से मिले।

चार साल से वेतन नहीं मिला

लोकायुक्त टीम के मुताबिक आरोपित पटवारी को विभाग से चार साल से वेतन नहीं मिल रहा है। चार साल पहले वह ट्रांसफर पर केसली राजस्व मंडल में आया था। उसने तहसीलदार कार्यालय में एलपीसी व अन्य दस्तावेज जमा कर दिए थे। इसके बाद भी उसे वेतन नहीं दिया जा रहा था। निरीक्षक वर्मा का कहना है कि वेतन न मिलने का सही कारण एसडीएम या तहसीलदार बता पाएंगे।

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फोटो नंबर 1309 एसए 37 सागर । आरोपित पटवारी रामराज चौधरी।