- खिमलासा रोड स्थित रेलवे गेट पर हादसा, ड्राइवर के प्रयास के बाद भी नहीं बची छात्रा

बीना। नवदुनिया न्यूज

कॉलेज जाते समय एक छात्रा ने खिमलासा रोड स्थित रेलवे गेट पर मालगाड़ी के सामने आकर खुदकशी कर ली। दर्जनों लोगों के सामने छात्रा अपना बैग पटरी के बाजू में फेंककर ट्रेन के सामने आ गई। ट्रेन के सामने लड़की को ट्रैक पर खड़ी देख ड्राइवर ने आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी लेकिन तब तक छात्रा ट्रेन की चपेट में आ गई। गेट के पास खड़े लोगों की मदद से ड्राइवर ने ट्रेन के नीचे पड़ी छात्रा को बाहर निकालकर ट्रेन रवाना की। इसके बाद भी छात्रा की मौत हो गई।

बुधवार दोपहर 12.04 बजे खिमलासा रोड स्थित रेलवे गेट की है। देहरी निवासी कविता पिता जाहर सिंह दांगी (21) गर्ल्स कॉलेज जा रही थी। छात्रा गेट तक पहुंची थी कि डाउन ट्रैक से आ रही मालगाड़ी को निकालने के लिए गेटमैन ने गेट बंद कर दिया। इस बीच कविता गेट के बाजू निकलकर ट्रैक के पास पहुंच गई। मालगाड़ी जैसे ही नजदीक आई उसने अपना बैग रेलवे ट्रैक के बाजू में फेंक दिया और दौड़कर ट्रेन के सामने खड़ी हो गई। यह देख गेट के दोनों तरफ खड़े लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। ड्राइवर ने लड़की को दौड़कर ट्रेन के सामने आता देखा। इस बीच वह ट्रेन से टकराकर ट्रैक के बीचोंबीच गिर गई। ड्राइवर ने धीमी गति में जा रही मालगाड़ी को आपातकालीन ब्रेक लगाकर रोका। ड्राइवर ने इंजन से बाहर आकर गेट के दोनों तरफ खड़े लोगों को बुलाया और कहा कि लड़की अभी जिंदा है इसको बाहर निकलो। लोगों की मदद से कविता को मालगाड़ी के नीचे से बाहर निकाला गया। इसके अलावा एक प्रत्यक्षदर्शी ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को ऑटो की मदद से सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आत्महत्या का कारण अज्ञात

घटना के संबंध में थाना प्रभारी मैना पटेल ने बताया कि मृतक छात्रा देहरी गांव की है। वह गर्ल्स कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मामला खुदकशी का है। ट्रैक के बाजू में छात्रा का बैग मिला है। छात्रा का मोबाइल और बैग चेक किया गया है। मोबाइल में बुधवार की कोई कॉल डिटेल नहीं मिला है। परिजनों के बयान होने के बाद ही खुदकशी के कारणों का पता चल पाएगा। अभी परिजनों से किसी तरह की पूछताछ नहीं की गई है।

0412 एसजीआर 144 बीना। ट्रैक से उठाकर छात्रा को ले जाती पुलिस।

-----

लम्बोदर कंपनी के लड़कों ने सर्वोदय पर युवक को सरेआम बेहरमी से पीटा

- एक सप्ताह में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी, धमकाने और मरपीट का तीसरा मामला

बीना। नवदुनिया न्यूज

नौकरी दिलाने के नाम पर लम्बोदर इंटरप्राइजेस के लड़के बेरोजगार लड़को के साथ ठगी कर रहे हैं। विरोध करने पर लड़कों को कमरों में बंद धमकाया जा रहा है। इसी कंपनी के करीब एक दर्जन लड़कों ने बुधवार को सर्वोदय चौराहे पर एक युवक के साथ सरेआम बेहरमी से पिटाई की। विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस लमबोदर इंटरप्राइजेस के ऑफिस से कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही ठगी की शिकायतों की भी पुलिस जांच कर रही है। कंपनी के लड़कों द्वारा मारपीट, डराने धमकाने सहित ठगी करने की यह एक सप्ताह में तीसरी शिकायत हैं।

गौरतलब है कि लम्बोदर इंटरप्राइजेस कंपनी शहर में करीब चार साल के एक ऑफिस चला रही है। ऑन लाइन मार्केटिंग बिजनेस के नाम पर कंपनी से बेरोजगार युवाओं को जोड़ा जाता है। ज्वाइनिंग के वक्त रहने और खाने के नाम पर इनसे 15-18 हजार रुपए जमा कराए जाते हैं। बाद में इन्हें अलग-अलग जगहों पर कंपनी से दूसरे लड़कों को जोड़ने की ट्रेनिंग दी जाती है। चार लड़के जोड़ने पर 8 हजार रुपए देने के प्लान समझाया जाता है। इस कंपनी में वर्तमान में 500 से ज्यादा लड़के जुड़े हुए हैं। यह सभी लड़के दूसरे शहरों के हैं। कुछ दिन पहले मारुति मंदिर के पास रहने वाले कल्लू बैरागी के पास लम्बोदर कंपनी के कुछ लड़के आए थे। लड़कों ने किराए का मकान दिलाने की बात की थी। कल्लू ने उन लड़कों को अपनी पहचान वाले का मकान किराए पर दिला दिया। कुछ महीने मकान में किराए से रहने के बाद वह किराए दिए बिना मकान खाली करके चलते गए। मकान मालिक ने कल्लू से मकान का किराया मांगा। किराया न देने पर उसने युवक की बाइक अपने पास रख ली। बुधवार को किराए से रहने वाले लड़के सर्वोदय चौराहे पर दिखाई दिए। इसके चलते युवक ने तीनों को रोककर मकान का किराया देने की बात की। इस बात पर इन लड़कों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। विवाद की खबर लगते हुए कंपनी के अन्य लड़कों ने आकर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कंपनी के कुछ लड़कों को हिरासत में लिया है।

युवक से की ठगी

पांच दिन पहले नोनेरा थाना इटावा तहसील पिपल्दा जिला कोटा राजस्थान निवासी ओमप्रकाश पिता बद्रीलाल पारेता ने पुलिस थाने में कंपनी कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकाने की शिकायत की थी। इसमें युवक ने कहा था कि उसके पास ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिडेट कंपनी से नौकरी के लिए फोन आया था। उसे इंटरव्यू के लिए सर्वोदय चौराहा स्थित लम्बोदर इंटरप्राइजेस के ऑफिस में बुलाया गया था। ज्वाइनिंग के समय युवक से 18500 रुपए जमा कराए गए, लेकिन नौकरी के नाम पर कंपनी के बॉस राजेश ने चैन सिस्टम समझाया। जब युवक ने कहा कि तुम लोग तो नौकरी दिलाने की बात कर रहे थे, यहां तो काम ठगी का सिखाया जा रहा है। इसी बात कंपनी के कर्मचारियों ने युवक को जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया था।

युवक को बनाया था बंधक

इसी तरह की शिकायत कुरवाई निवासी हेमंत पिता राजाराम पंथी ने की थी। उसे भी लम्बोदर कंपनी से नौकरी के लिए फोन गया था। युवक से भी 16500 रुपए जमा कराए गए थे। नौकरी के नाम पर उसे भी कंपनी का चैन सिस्टम समझाया जा रहा था। इसका विरोध करने पर कंपनी के कर्मचारियों ने युवक को कमरे बंद करके जान से मारने की धमकी दी थी। युवक ने इसकी शिकायत पुलिस थाने में की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

सैकड़ों की संख्या रह रहे लड़के

लम्बोदर कंपनी के कर्मचारियों ने सैकड़ों की संख्या में बेरोजगार लड़कों को जोड़ लिया है। इन्हें कंपनी में दूसरे लड़कों को जोड़कर करोड़पति बनने के सपने दिखाए जा रहे हैं। वर्तमान में दूसरे शहरों के 500 से ज्यादा लड़के शहर में रह रहे हैं। इन सभी को नौकरी का लालच देकर बुलाया जाता है। बाद इन्हें चैन सिस्टम के बारे में बताकर करोड़ों रुपए कमाने का लालच दिया जाता है। इसी लालच में यह लड़के भटक रहे हैं। कुछ दिन काम करने के बाद यह लड़के अपने घर लौट जाते हैं। जानकारी होने के बाद भी पुलिस कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाती है

इस संबंध में जब कंपनी के मैनेजर राजेश अहिरवार से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारी कंपनी से जितने लड़के जुड़े हैं उन्हें पहले बताया जाता है कि कंपनी ऑन लाइन मार्केटिंग का काम करती है। इसी का लड़कों को प्रशिक्षण दिया जाता है। ठगी का आरोप वो लोग लगाते हैं जो काम नहीं कर पाते। हम लोग किसी को गुमराह नहीं कर रहे हैं।

एफआईआर करेंगे

विवाद की शिकायत मिलने पर कंपनी के कुछ लड़कों को हिरासत में लिया गया है। जिस लड़के के साथ मारपीट हुई है उसका मेडिकल कराया गया है। जांच के बाद आरोपित लड़कों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

मैना पटेल, टीआई, बीना

0412 एसजीआर 145 बीना। विवाद की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस।

--------

अस्पताल में मरीजों को दवाएं और प्रसूताओं को नहीं मिल रहे लड्डू

- सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाएं: ओपीडी पर्ची कलेक्शन का भी हिसाब नहीं

बीना। नवदुनिया न्यूज

सिविल अस्पताल में लोग अव्यवस्थाओं से परेशान हो रहे हैं। यहां सफाई के लिए फिनाइल नहीं है, मरीजों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। यहां तक कि अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को लड्डू भी नहीं मिल पा रहे हैं। रोजाना काटी जाने वाली ओपीडी पर्ची का भी कोई हिसाब-किताब नहीं है।

अस्पताल में डॉ. वीरेंद्र ठाकुर के जाने के बाद से व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं। अस्पताल प्रभारी को भी बदल दिया गया और अब एक-एक कर अस्पताल से कर्मचारियों की रवानगी हो रही है। रोगी कल्याण समिति का काम देख रहे लिपिक चंद्रकांत विश्वकर्मा ने अपना तबादला करा लिया और इसके बाद जिसे बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल द्वारा चार्ज दिया गया, वह काम नहीं कर पा रहा है। स्थिति यह है कि रोगी कल्याण समिति के माध्यम से अस्पताल की जो व्यवस्थाएं बनाई जाती थीं वह ठप पड़ी हैं। अस्पताल में सफाई तो हो रही है लेकिन फिनाइल नहीं है। अस्पताल आने वाले गंभीर मरीजों के लिए रोगी कल्याण समिति के माध्यम से दी जाने वाली आपातकालीन की दवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। ऑपरेशन के वक्त उपयोग होने वाले दस्ताने, सिरिंज, रूई सहित अन्य सामग्री को लेकर भी तंगहाली है। लेबोरेटरी में उपयोग करने के लिए केमिकल, डिस्पोवेन, कार्ड नहीं मिल पा रहे हैं।

एक माह से नहीं लेखापाल

रोगी कल्याण समिति के पास एक माह से लेखापाल नहीं है। इस कारण अस्पताल की जो व्यवस्थाएं रोगी कल्याण समिति के माध्यम से बनाई जाती थीं, वह व्यवस्थाएं बिगड़ी पड़ी हैं। समिति की बैठक में डॉक्टरों को एक हजार तक की खरीदी के अधिकार दिए गए थे, लेखापाल नहीं होने से वह भी जरूरी सामान नहीं खरीद पा रहे हैं।

एक सप्ताह से नहीं मिल रहा लड्डू

अस्पताल में भर्ती मरीजों को निशुल्क भोजन का वितरण किया जाता है, जो गर्भवती या प्रसूता महिलाएं होती हैं उन्हें लड्डू दिया जाता है। यह लड्डू एक सप्ताह से वितरित नहीं हो रहा है। बताया जाता है कि जिस संस्था के माध्यम से महिलाओं को भोजन या लड्डू का वितरण किया जाता है, उस संस्था को लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग द्वारा भुगतान नहीं किया गया है।

कोशिश कर रहे हैं

जब से मैंने चार्ज संभाला है, रोगी कल्याण समिति में कोई अकाउंटेंट नहीं है। एक ने अपना तबादला करा लिया है और जिसे जिम्मेदारी दी जा रही है, उसे लेखाकार्य नहीं आता। हम कोशिश कर रहे हैं कि अस्पताल की व्यवस्थाएं सुचारू ढंग से चल सकें।

- डॉ. संजीव अग्रवाल, बीएमओ, बीना

0412 एसजीआर 146 बीना। सिविल अस्पताल बीना।

Posted By: Nai Dunia News Network