पानीपत। सागर (मध्यप्रदेश) के मोतीनगर की 55 वर्षीय भागवती यहां पानीपत में अपने बेटे के पास आई थी। घर से बर्तन लेने निकली, रास्ता भटक गई। उसे पुलिस ने रेडक्रास सोसाइटी के सखी सेंटर में ठहराया। नाम और पता ठीक से नहीं बता पा रही थी।

किसी तरह मध्यप्रदेश का अपना पता और पति का नाम बताया। मध्यप्रदेश पुलिस से मदद ली गई। सागर जिले की पुलिस महिला के पति से मिली, वहीं से बेटे का नंबर मिला। सोमवार को बेटा सखी सेंटर पहुंचा और मां को ले गया। बेटे के गले लगकर काफी देर तक रोती रही मां।

सेंटर की प्रबंधक ईशा ने बताया कि 55 साल की महिला मूल रूप से मध्यप्रदेश के जिला सागर के मोतीनगर की निवासी है। बेटा पुलिस लाइन, पानीपत के पास किराए के घर में रहकर मजदूरी करता है। करीब दस दिन पहले ही वह बेटे के पास आई थी। सात जून को वह बर्तन खरीदने के लिए घर से निकली थी, रास्ता भटक गई।

सेक्टर 11-12 पुलिस को लावारिस घूमती मिली तो उसे सखी सेंटर लाया गया। पुलिस ने उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कर ली। महिला बदहवास हो गई थी और नाम-पता भी ठीक से नहीं बता सकी थी। काउंसिलिंग में मूल पता और पति का नाम बताया। मध्यप्रदेश पुलिस से मदद ली गई।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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