सागर(नवदुनिया प्रतिनिधि)। भक्तों के दुख हरने और बुरी शक्तियों से उनकी रक्षा करने सोमवार को सदर बाजार स्थित केसरी सदन से गाजे-बाजे के साथ सार्वजनिक बड़ी पूजा की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा का जगह-जगह आरती उतारकर एवं प्रसादी वितरित कर स्वागत किया गया। रथयात्रा में आगे-आगे चल रहे पंडों ने भक्तों के ऊपर से नींबू से उतारा किया। इस दौरान झमाझम वर्षा होने से श्रद्धालुओं में और ज्यादा उत्साह नजर आया और वह चल माई, चल माई व जय मातादी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते गए।

तिसाला बड़ी पूजा के चलते सुबह से महिलाओं ने मौन धारण करके देवी मंदिरों में पहुंचकर पूजन किया। इसके बाद देवी मंदिर में पुजारियों के सानिध्य में मातारानी का हवन-पूजन कर आह्वान किया गया। इसके बाद शीतला माता मंदिर में ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोचार के साथ दोपहर में रथ यात्रा प्रारंभ की। घंटों चले इस पूजन के बाद केसरी सदन क्षेत्र से मां दुर्गा की रथयात्रा शुरू हुई। फूलों से सजे मातारानी के मनमोहक रथ को दो काले रंग के बकरें सांकेतिक रूप से खींचते हुए चल रहे थे। रथ में मरई माता का खप्पर भी रखा था। कई युवा रथ एवं बकरों को पकड़कर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। भीड़ के कारण एक-एक छोटी से छोटी गली को भी पार करने में लगभग एक-एक घंटे का समय लग रहा था और दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुई रथयात्रा शाम 6 बजे तक ठाकुर देवालय मंदिर पहुंच सकी थी।

भक्तों ने नीबू से कराया उताराः रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने बुरी बलाओं से बचने के लिए अपने व परिवार के दूसरे सदस्यों के ऊपर से नीबू व नारियल से उतारा करवाया। इस दौरान पंडा भक्तों के ऊपर से उतारा करते हुए चल रहे थे। रथयात्रा जिस मार्ग से गुजरी पूरे रास्ते में नीबू ही नीबू नजर आ रहे थे। चौराहों व रास्ते में आने वाले मंदिरों के पास श्रद्धालुओं द्वारा होम लगाकर आहुतियां भी दी गई। उतारा कराने के बाद भक्तों ने मातारानी से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

अखाड़ा दलों व भजन मंडलियों का सम्मानः रथयात्रा के दौरान कई अखाड़ा दल व भजन मंडली साथ-साथ चल रही थी। अखाड़ा दलों के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। कोई आंख में पट्टी बांधकर तलवार घुमा रहा था तो कोई अकेले आधा दर्जन से ज्यादा लोगों से लड़ रहा था। शहर में कई जगह स्वागत पंडाल लगे हुए थे, जहां श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। वहीं कुछ भजन मंडली देवी भजनों को गाते हुए चल रही थी तो कुछ नृत्य करते हुए चल रही थी। इस दौरान भजन मंडलियों के पदाधिकारियों का सम्मान किया गया।

दर्जनों जगह हुआ प्रसादी वितरित कर स्वागतः रथयात्रा के दौरान दर्जनों जगह प्रसादी वितरित कर स्वागत किया गया। केसरी सदन से कबूलापुल तक दर्जनों पंडाल सजे थे। कोई शीतलपेय बांट रहा था तो कोई गरमा-गरम चाय बांट रहा था। इसके अलावा शोभायात्रा में शामिल कई श्रद्धालुओं को केला, खिचड़ी, मिठाई बांट रहा था। रथयात्रा के चलते क्षेत्र की कई गलियों में लाल झंडी से सजावट की गई थी जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान कई बार झमाझम वष र्ा भी हुई जिससे भक्तों में काफी उत्साह भी नजर आया। भक्तों की भीड़ के चलते यहां बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात था और वाहनों का रूट भी बदला गया था। क्षेत्र के मुख्य मार्गों से होते हुए रथ यात्रा पुरानी सदर में समाप्त हुई।

भीतर बाजार से 22 जुलाई को निकली थी रथयात्राः सदर के पूर्व 22 जुलाई को भीतर बाजार से भी तिसाला बड़ी पूजा की रथयात्रा निकाली गई थी। इस रथयात्रा के करीब 15 दिन बाद सदर बाजार से रथयात्रा निकाली जाती है। रथयात्रा को लेकर यहां रात्रि जागरण से लेकर महिलाओं द्वारा धार छोड़कर शहर की नाकेबंदी की गई थी। इसके बाद महिलाओं द्वारा भीखी मांगने के बाद गुजिया बनाकर बिसौला पूजन किया गया। 19 जुलाई को महिलाओं द्वारा परंपरानुसार बाजार लूटा गया एवं रात्रि जागरण शीतला माता मंदिर में किया गया। इसके बाद कई भजन मंडलियों द्वारा शीतला माता मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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