Employees Provident Fund Pension:सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। ईपीएफ द्वारा पेंशनधारियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा दी है, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के लोग इससे अंजान हैं। हालत ऐसी है कि जिन वृद्धों की दो कदम चलने में भी सांस फूल जाती है, वे भी ईपीएफ कार्यालय के बाहर अपने जिंदा होने का प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कतार में खड़े हैं। यह लोग रुपये खर्च कर जैसे-तैसे सागर पहुंचे हैं। यहां सुबह से आने के बाद साढ़े दस बजे के बाद कार्यालय खुला।

वहीं जीवन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए वे घंटों तक अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहे। जिंदा होने का सबूत देने वालों में ऐसे भी लोग थे, जिनकी उम्र सत्तर साल के पार थी। इन्हें अपने साथ लेकर आए लोगों से पूछा कि उन्हें ऑनलाइन प्रमाणपत्र के बारे में जानकारी है, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। कुछ लाेगों ने बताया कि वे ब्लॉक व तहसील मुख्यालय गए लेकिन किसी कंप्यूटर केंद्र से जीवन प्रमाणपत्र नहीं बना।

छिरारी गांव से आए लोगों ने बताया कि छिरारी से सागर आने के लिए उन्हें सुबह कड़कड़ाती ठंड में उठना पड़ा। सुबह बलेह की ओर से आने वाली बस से जैसे-तैसे कर सुबह 11 बजे तक कार्यालय आए तो यहां लंबी कतार लगी मिली। साथ में गांव के वृद्ध महिलाएं थीं, वे परेशान हुईं। वहीं ईपीएफ कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों का कहना है कि हर साल नवंबर में जीवन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना पड़ता है। गत साल तक हितग्राही को स्वयं हाजिर होना पड़ता था, लेकिन इस साल से आनलाइन सुविधा हो चुकी है। इसके बाद भी यहां भीड़ उमड़ रही है। हम व्यवस्था बना रहे हैं। वृद्धों को प्राथमिकता दी जा रही है।

80 साल की वृद्धा सुबह से हुई परेशान

ढाना के पास सेमरा गांव निवासी 80 वर्षीय सोमती बाई चढ़ार का कहना है कि वे सुबह से घर से निकल आई थीं। हर साल की तरह इस साल भी यहां आकर जिंदा होने का सबूत दे रही हूं। यहां वृद्ध अवस्था को देखते हुए मेरा काम जल्द कर दिया गया। ऑन लाइन की जानकारी परिवार के किसी सदस्य को नहीं है।

ऑनलाइन की झंझट में पड़ना नहीं चाहते

रजाखेड़ी से आए 75 वर्षीय चोखेलाल रैकवार का कहना है कि परिवार के लोगों को आनलाइन की जानकारी नहीं है। रजाखेड़ी से ईपीएफ कार्यालय ज्यादा दूर नहीं है। इसीलिए यहीं आ गए। वृद्ध अवस्था में तबियत खराब रहती है, लेकिन हर साल की तरह इस साल भी हम यहां स्वयं आ गए। परिवार के लोग आॅनलाइन के झंझट में पड़ना नहीं चाहते।

शाहगढ़ से अकेले आए

नवंबर महीने में हर साल यहां आकर जीवन प्रमाण पत्र देना पड़ता है। मैं स्वयं ही बस से यहां पहुंची। सुबह आने पर यहां कतार लगी मिली। भीड़ अधिक होने से इंतजार कर रही हूंं। शाम को जल्द लौटने की उम्मीद है। ठंड बढ़ने से परेशानी होगी।

शांति बाई, शाहगढ़

गांव की अन्य महिलाओं से साथ आई हूं

रहली ब्लॉक के छिरारी गांव निवासी 65 वर्षीय रूपरानी का कहना है कि उनके साथ गांव के अन्य महिलाएं भी प्रमाणपत्र देने के लिए आई हैं। उनके गांव की दूरी यहां से 54 किमी है। वृद्ध होने पर आने-जाने में दिक्कत होती है। कोरोना काल में बस से सफर करने में दिक्कत हो रही है।

भीड़ से बचाव के लिए नीतिगत बदलाव किया है ..

काेविड-19 महामारी के चलते पेंशनराें काे नवंबर- दिसंबर में भीड़ से बचाव के लिए नीतिगत बदलाव किया गया है। इसके तहत पेंशनर्स अपनी सुविधा के अनुसार साल के दौरान किसी भी समय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र पेश कर सकेंगे। जीवन प्रमाण पत्र पेश करने की तारीख से एक साल के लिए वैध रहेगा। जिन पेंशनराें ने जनवरी 2020 के बाद पेंशन पेमेंट आर्डर(पीपीओ) दिया है, उन्हें एक साल पूरा हाेने तक यह सर्टिफिकेट देने की जरुरत नहीं है। जिन पेंशनराें काे 2020 में पीपीओ जारी किया गया है उन्हें संबंधित माह में अगले साल डिजिलट प्रमाण पत्र देना हाेगा।

- सतीष कुमार, कमिश्नर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन

ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

- सबसे पहले जीवन प्रमाण की वेबसाइट (जीवनप्रमाणडॉटजीओवीडॉटइन) पर जाएं।

- इसके बाद डाउनलोड ऑप्शन पर क्लिक करें और नया पेज ओपन होने दें।

- नया पेज ओपन होने पर उसमें निर्धारित जगह पर अपना ईमेल आईडी दर्ज करें और '''' एग्री टू डाउनलाड पर क्लिक करें।

- अगला पेज ओपन होने पर वहां विंडोज और मोबाइल के लिए ऐप्लीकेशन डाउनलोड करने का ऑप्शन मिलेगा।

- यह ऐप विंडोज 7 और एंड्रॉयड 4.4 या उससे ऊपर के वर्जन पर ही अवेलेबल है।

- इसके बाद ऐप्लीकेशन को ओपन करें और उसमें अपना आधार नंबर, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, बैंक का नाम, अकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करके खुद को इनरोल करें।

- इसके बाद आपको फिंगर प्रिंट या आईरिस स्कैन की मदद से आधार ऑथेंटिफिकेशन करवाना होगा।

- ऑथेंटिफिकेशन होने के बाद एक एसएमएस के जरिए यूजर को उसकी जीवन प्रमाण आईडी मिलेगी।

- जीवन प्रमाण आईडी जेनरेट होने के बाद पेंशनर्स इसका या आधार नंबर का इस्तेमाल करके अपना लाइफ सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकता है।

- इसके अलावा पेंशन देने वाली संस्था या बैंक जीवन प्रमाण की वेबसाइट से पेंशनर्स का लाइफ सर्टिफिकेट डाउनलोड कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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