बीना (नवदुनिया न्यूज)। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को दो माह बीत जाने के बाद भी शासन की ओर से भुगतान नहीं किया गया है। बीना तहसील में सैकड़ों किसानों के 4 करोड़, 67 लाख 47 हजार 862 रुपये अकटे हुए हैं। समय पर उपज का मूल्य न मिलने के कारण सैकड़ों किसान मोहताज हो गए हैं। दो-दो हजार रुपये के लिए वह दूसरों के सामने हाथ फैला रहे हैं। सिर्फ यही नहीं समय पर बैंक का कर्ज न चुका पाने के कारण किसान डिफाल्टर हो गए हैं। उन्हें पेनाल्टी के साथ हजारों रुपये अतिरिक्त ब्याज भरना पड़ेगा। इसके बाद भी शासन की ओर से भुगतान नहीं किया जा रहा है।

खाद्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बीना तहसील के 1, 288 किसानों ने 1 लाख 11 हजार 205 क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा था। दो माह बीत जाने के बाद भी इनमें से अब तक गिनेचुने किसानों को राशि का भुगतान किया गया है। जबकि शासन के निर्देशानुसार सात दिन में प्रत्येक किसानों को भुगतान किया जाना था। सैकड़ों किसानों ने जल्द भुगतान के चक्कर में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच दिया, लेकिन भुगतान में विलंब होने के कारण किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। भुगतान अटकने के कारण किसान एक-एक पैसे के लिए मोहताज हो गए हैं। वह न तो समय पर कर्ज चुका पा रहे हैं और दूसरे काम कर पा रहे हैं। किसान क्रेडिट कार्ड समय पर न भरने के कारण बड़ी सख्या में किसान डिफाल्टर हो चुके हैं। इन किसानों को हजारों रुपये अतिरिक्त ब्याज भरना पड़ेगा। ग्राम कंजिया निवासी चार्लीराजा यादव ने बताया कि उन्होंने करीब 700 क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा है, लेकिन अब तक एक पैसे का भुगतान नहीं किया गया है। इसके चलते उन्होंने भयंकर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह किसान बाबूलाल सेन ने बताया कि उन्होंने ट्रैक्टर फायनेंस कराया था, लेकिन भुगतान अटकने से समय पर किस्त जमा नहीं कर पाए हैं। इसके कारण फायनेंस कंपनी के अधिकारी ट्रैक्टर ले जाने के लिए तीन बार घर आ चुके हैं। इस महीने के आखिर तक भुगतान नहीं हुआ तो कंपनी वाले ट्रैक्टर उठाकर ले जाएंगे। इसी तरह अन्य किसान भी परेशान हो रहे हैं।

समिति वालों ने छोड़ा घर

समर्थन मूल्य पर किसानों का गेहूं खरीदने वाली सेवा सहकारी समितियों के सामने तो संकट खड़ा हो गया है। पिपरासर समिति संचालक गुन्नाा लोधी का कहना है कि किसान समझ रहे हैं कि उनकी गलती से भुगतान अटक गया है। इसके चलते किसान रोड घर पर आकर विवाद कर रहे हैं। रुपयों के लिए परेशान हो रहे किसान गुस्से में घर पर आते हैं। किसानों के गुस्से से बचने के लिए घर पर रहना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में दिन में घर से बाहर रहना पड़ रहा है। इसी तरह अन्य समिति संचालक भी परेशान हो रहे हैं।

धीरे-धीरे हो रहा भुगतान

भुगतान भोपाल से ही अटका हुआ है। जैसे-जैसे राशि आती जा रही है किसानों को भुगतान किया जा रहा है। एक सप्ताह के अंदर सभी किसानों का भुगतान हो जाएगा। जल्द भुगतान को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बात चल रही है।

राजेश शिवा, डीएम, नागरिक आपूर्ति निगम, सागर

इस तरह समझें खरीदी के आंकड़े

गेहूं खरीदने वाली समितियों का नाम किसानों की संख्या कुल खरीदी भुगतान योग्य राशि अब तक हुआ कुल भुगतान शेष राशि

सेमरखेडी 71- 7224- 14555340- 8575779- 5979561

पिपरासर 70- 6738- 13576049- 11844189- 1731851

भानगढ़ 34- 3253- 6552775- 5169789 1082986

सतौरिया 117- 8669- 17467482- 15370463- 2097019

रामपुर 352- 29062- 58559393- 49950394- 8608999

धनोरा 166- 16171- 32583898- 28430798- 4153100

बीना इटावा 13- 702- 1415129- 1336529- 78606

किर्रावदा 212- 16527- 32583898- 28574684- 4009250

कंजिया 94- 10769- 33300827- 28574684- 4726143

पुरैना 119- 12090- 24360331- 10079986- 14280345

Posted By: Nai Dunia News Network

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