सागर। सागर में करीब 8 साल पहले भाजपा नेत्री के रूप में सक्रिय रही श्वेता जैन का नाम हनी ट्रैप मामले में आने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। शहर में 2003-04 के दौरान वह अधिकारियों व व्यवसायियों से नजदीकियों के चलते सुर्खियों में आई थी। सक्रिय राजनीति में आने के बाद श्वेता के कुछ भाजपा नेताओं और मंत्रियों से अंतरंग संबंधों की चर्चा रही। इसी के दम पर भाजपा के आयोजनों में सक्रिय दिखाई देने वाली श्वेता कभी विधायक की दावेदारी तो तभी पीली कोठी के पास आयोजित एक धरना प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक सुधा जैन के साथ झगड़ा करने से वह अक्सर ही चर्चाओं में बनी रहती थी।

अलग-अलग हथकंडों से कमाया पैसा

बड़े नेताओं एवं अधिकारियों से नजदीकियों के चलते भाजपा सरकार के कार्यकाल में श्वेता ने वन विभाग में बुंदेलखंड पैकेज के तहत करोड़ों के काम हथिया लिए थे। इसमें उत्तर वन मंडल एवं दक्षिण वन मंडल में तालाब एवं झिरिया खुदाई के काम शामिल रहे।

इनमें आधे-अधूरे काम कर अधिकारियों पर राजनैतिक दबाव डलवाकर पूरा पैसा भुगतान करवा लिया। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग में 2010 के आसपास आशा कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग प्रोग्राम का काम भी दबंगता से हड़प लिया था। इसके अलावा उद्योग विभाग के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार योजना के लोन के मामले में भी ट्रेनिंग प्रोग्राम हथियाए।

करीब 5-6 साल पहले एमएमएस वायरल होने के बाद से वह भोपाल में शिफ्ट हो गई थी। वह वर्तमान में भोपाल के न्यू मीनाल रेसीडेंसी में रहती है। कई मामलों में से चर्चित मामला एक पूर्व कलेक्टर के साथ पकड़े जाने का रहा।

कलेक्टर की पत्नी ने इन्हें रंगे हाथों पकड़ा था, जिसके बाद कलेक्टर ने किसी तरह अपना तबादला करा लिया था। श्वेता ने 2013 के चुनाव के दौरान सागर विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट की डिमांड भी की थी। इसके लिए काफी प्रयास किए। लेकिन टिकट नहीं मिल सका।

तीन बत्ती क्षेत्र में रेडीमेड की दुकान संचालित करने वाली श्वेता प्रदेश युवा मोर्चा में सदस्य थी। भाजपा के धरना-प्रदर्शनों से लेकर रक्तदान शिविरों जैसे कई कार्यक्रमों में श्वेता सक्रिय रहती थी।

इन्हीं सभी तैयारियों के बीच उसका नाम विधानसभा चुनाव के दौरान विधायक की दावेदारी करने वाली महिला नेत्रियों के रूप में भी आगे आया, लेकिन पीली कोठी के पास आयोजित एक धरना प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन मंत्री की मौजूदगी में उनका एक पूर्व विधायक और पूर्व भाजपा मीडिया प्रभारी से जमकर विवाद हो गया था जो अखबारों की प्रमुख खबरें भी बनी रही।

Posted By: Sandeep Chourey

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