सागर/बीना। तीन माह का वेतन भुगतान करने के बदले प्राचार्य दृष्टिबाधित शिक्षक से 9 हजार रुपये रिश्वत मांग रही थीं। शिक्षक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त में की थी। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर गुरुवार को लोकायुक्त की टीम में आरोपित प्राचार्य को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर भ्रटाचार अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। बाद में आरोपित पाचार्य को जमानत पर छोड़ दिया गया।

खुरई विकासखंड में आने वाले शासकीय हाई स्कूल में पदस्थ दृष्टिबाधित शिक्षक रघुवीर प्रसाद विश्वकर्मा ने बताया कि 29 जुलाई को उनका एक्सीडेंट हो गया था। उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य को दी थी। उन्होंने बताया था कि वह स्कूल आने मेें असमर्थ हैं। इसके बाद भी प्राचार्य सीमा नैक्या उपस्थिती पंजी में उनकी अनुपस्थिती दर्ज कर रही थीं। तीन माह बाद पूरी तरह स्वस्थ्य होेने पर उन्हें स्कूल आना शुरू कर दिया। लेकिन प्राचार्य शिक्षक के वेतन का भुगतान नहीं कर रही थीं। शिक्षक का अगस्त माह का वेतन रोक लिया गया था। मेडिकल रिपोर्ट लगाने के बाद भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया। शिक्षक ने इसका कारण पूछा तो प्राचार्य ने अपनी शर्त रख दी। उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान के लिए 9 हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे शिक्षक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त में की। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर गुरुवार को लोकायुक्त ने ट्रैपिंग की कार्रवाई करते हुए प्राचार्य सीमा नैक्या को 9 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

शिक्षक ने शिकायत की थी

शिक्षक ने शिकायत की थी कि प्राचार्य वेतन का भुगतान करने के बदले में 9 हजार रुपये रिश्वत मांग रही हैं। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैपिंग की कार्रवाई की गई है। इसमें प्राचार्य को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रामेश्वर प्रसाद यादव, एसपी, लोकायुक्त, सागर

Posted By: Lalit Katariya

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