सागर। सुरखी थाना क्षेत्र के चितौरा गांव में शासकीय हाई स्कूल के पास छोटी तलैया के किनारे गुरुवार को सेना का करीब 100 साल पुराना 20 किलो वजनी बम मिला। बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर बम को डिस्पोज किया। इसके पहले भी यहां सेना के कई जिंदा बम मिले हैं। जिन्हें बम निरोधक दस्ते व सेना के संयुक्त प्रयासों से डिस्पोज किया गया।

नहाने गए ग्रामीणों को दिखा बम

ग्रामीणों के अनुसार गांव में एक गमी हो जाने पर अंत्येष्टि के बाद कई लोग इस तलैया में नहाने गए थे। जहां एक बम दिखा। इसकी सूचना कोटवार सहित थाने में दी गई। ग्रामीण बताते हैं कि इसके पहले भी कई बम यहां मिलने के कारण पहली ही नजर में बम की पुष्टि हो गई थी। पुलिस ने आकर इस बम के आसपास खड़े लोगों को दूर किया। वहीं बीडीएस टीम के पहुंचते ही पुलिस व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में शाम 4 बजे बम को डिस्पोज किया गया।

दो साल पहले भी यहीं मिला था बम

गौरतलब है कि बीते दो साल पहले 26 अगस्त 2017 चितौरा के इसी स्कूल के पास एक जिंदा बम मिला था। वह बम स्कूल के ज्यादा करीब होने व स्कूली बच्चों को देखते हुए एक हवलदा ने उस 10 किलो बजनी बम को कंधे पर रखकर दौड़ लगाकर ऐसे स्थान पर रख दिया था, जहां किसी प्रकार की जन-धन हानि न हो।

अपनी जान जोखिम में डालकर किए गए इस काम पर हवलदार अभिषेक पटेल को पुरस्कृत भी किया गया था। वही 23 अप्रैल 2016 में बेबस नदी की रेत से एक जिंदा मोर्टार बम मिला था।

ग्रामीणों के अनुसार बीते सात साल पहले चितौरा में रहने वाले एक कबाड़ी ने किसी से सेना का बम कबाड़ में बेचने के लिए खरीद लिया था। जिसकी धातु निकलाने बम को गर्म करने पर विस्फोट हुआ था। वे बताते है कि चितौरा में सेना की पुरानी छावनी व फायरिंग रेंज क्षेत्र होने के कारण अक्सर यहां पुराने जिंदा बम मिलते है।

बम निष्क्रिय किया

पुरानी आर्मी शूटिंग रेंज के कारण यह जिंदा बम यहां मिलते हैं। बम का कलर वहां पड़ी पथरीली मिट्टी के जैसा ही है। जिसका वजन लगभग 20 किलो था। बम करीब 100 साल पुराना है। कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के बाद बम मिलने वाले स्थान पर पहुंचकर बम को सुरक्षित दूसरे स्थान पर ले जाकर सफलता पूर्वक निष्क्रिय किया गया।

- विनय तिवारी, प्रभारी बम निरोधक दस्ता सागर