Madhya Pradesh News : सागर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जबेरा (दमोह) से भाजपा विधायक धर्मेंद्र लोधी और नौरादेही अभयारण्य की सर्रा रेंज के रेंजर तिलक सिंह रायपुरिया के बीच एक शिकारी को छुड़वाने के दौरान फोन पर हुई बहस का ऑडियो वायरल हुआ है। सर्रा रेंज के तालाब में प्रतिबंध के बावजूद एक बंगाली डॉक्टर को मछली का शिकार करते रेंजर ने रंगे हाथ पकड़ लिया था।

मामले में विधायक लोधी ने सीधे रेंजर को फोन लगाकर कहा कि उसको छोड़ दो, तो रेंजर तैयार नहीं हुए। करीब 2 मिनट 50 सेकंड की इस बातचीत में विधायक रेंजर को खुले रूप से कार्रवाई का डर दिखाकर धमकाते सुनाई दिए। लेकिन, रेंजर कायमी पर अडिग रहे और शिकारी डॉक्टर को छोड़ने से इंकार करते रहे। बातचीत के दौरान विधायक तू-तड़ाक करते रहे और रेंजर उनको शासकीय कार्य का हवाला देकर कहते रहे कि यदि मैं गलत हूं तो आप कार्रवाई करवा दीजिये, मैं तैयार हूं...।नईदुनिया ने रेंजर और विधायक से बात की तो दोनों ने स्वीकार कर लिया कि ऑडियो में उन्हीं की बातचीत है।

विधायक धर्मेंद्र लोधी और रेंजर की बहस

विधायक- हैलो, हां भैया नमस्कार मैं धर्मेंद्र सिंह लोधी बोल रहा हूं, जबेरा विधायक। रेंजर- हां बताएं सर। विधायक- किसको पकड़ लिया भैया तुमने? रेंजर- एक डॉक्टर साहब हैं कोई। विधायक- अरे यार, तो क्यों पकड़ लेते हो, क्या कर रहा था वो? रेंजर- वो शिकार करने गए थे। विधायक- हां तो ऐसा मत पकड़ो यार, क्या लकड़ी-अकड़ी काट रहा था वो? रेंजर- तो क्या करें, उनको छोड़ दें? विधायक- तुम्हाई यार बहुत शिकायत आ रही है, समझ रहे...! मैं आऊंगा तो स्थिति बहुत गंभीर हो जाएगी तुम्हारी। रेंजर- किस बात की? विधायक- अभी मैं आता हूं, तो बताता हूं, तेरे को। होशियार बन रहा है तू। अनावश्यक रूप से तू क्यों परेशान करता है लोगों को? रेंजर- किसको परेशान करते हैं? विधायक- मैं आता हूं, तेरे को बताता हूं। रेंजर- विधायक जी सुनो...! आप विधायक हैं अच्छी बात है, कोई बुराई नहीं है। विधायक- सुन बे, हम (अपशब्द) तेरे को, अनावश्यक रूप से क्यों परेशान करता है लोगों को? रोज तेरी शिकायत आती है। अब मैं देखता हूं। रेंजर- वो दिक्कत नहीं है, देखने में कोई बुराई नहीं है। हम शासकीय कार्य रहे हैं, शिकायत आने में कोई बुराई नहीं है। विधायक- उसको छोड़ दे तू, वो मेरा कार्यकर्ता है। रेंजर- वो भले बना रहे कार्यकर्ता, वो नहीं छूटेगा। विधायक- अब मैं देखता हूं, तेरे को, वहीं आकर देखता हूं तेरे को? रेंजर- हां देख लीजिए कोई समस्या नहीं, हम शासकीय कर्मचारी है, आपके कहने पर नहीं चल सकते। विधायक- हां तो क्यों परेशान करता है यार लोगों को? रेंजर- ये कोई परेशान करना है क्या, कोई शिकारी अगर अंदर जाएगा तो कार्रवाई करेंगे, आपका कार्यकर्ता है तो आप रोकिये न।

विधायक- रोज तेरी शिकायत आती है, मछली मारना गुनाह है क्या?

रेंजर- आप कार्यकर्ता को रोकिये न, तुम्हें नहीं पता गुनाह है कि नहीं।

विधायक- मैं आता हूं, तेरे को दिखवाता हूं, मैं जानता हूं तेरे को। मैं स्वयं आता हूं वहां, एक हजार लोगों के साथ घेराव करूंगा तेरा।

रेंजर- बिल्कुल आईए, आपको खुली छूट है, आराम से चले आइए। आप जनप्रतिनिधि हैं। देखिये न सही है या गलत?

विधायक- तेरी रोज शिकायत आ रही है, अनावश्यक रूप से परेशान करता है तू।

रेंजर- अनावश्यक रूप से यदि हम करते हैं, तो आप कार्रवाई करवाये न...! मैं काम करूंगा तो शिकायत आपके पास आएगी। आप ये धमका क्यों रहे हैं फालतू में।

विधायक- हां मैं बताता हूं तेरे को, आज तेरे पे कार्रवाई होगी बे..!

रेंजर- बिल्कुल करवा दीजिए कार्रवाई, आप फोन पर बात मत कीजिये कार्रवाई करवा दीजिए। मैं तैयार हूं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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