समर्थन मूल्य पर खरीदी : चने में तेवड़ा मिक्स होने पर किसानों का माल कर दिया जाता है रिजेक्ट

किसानों के लिए चुनौती

चना बेचने बीना तहसील के 1929 किसानों ने पंजीयन कराए

तेवड़ा अलग करने वाले किसानों को देना पड़ रही है 200 रुपए मजदूरी

बीना (नवदुनिया न्यूज)।

इस साल समर्थन मूल्य पर चना बेचना किसानों के लिए चुनौती से कम नहीं है। समर्थन मूल्य पर शून्य प्रतिशत तेवड़ा मिक्स चना खरीदने के आदेश होने पर 90 प्रतिशत से ज्यादा किसान समर्थन मूल्य पर चना नहीं बेच पाए हैं। जिन किसानों को समर्थन मूल्य पर चना बेचना है वह मजदूरों की मदद से चना में मिले तेवड़ा के चंद दानों को अलग करा रहे हैं। चने में तेवड़ा का एक भी दाना दिखने पर खरीदी केंद्र पर सैंपल रिजेक्ट कर चना खरीदने से मना किया जा रहा है।

समर्थन मूल्य पर चना बेचने के लिए बीना तहसील के 1929 किसानों ने पंजीयन कराया था। यह किसान किसान इस उम्मीद में थे कि पिछले सालों की तरह ही एफएक्यू (फेयर एवरेज क्वालिटी) के आधार पर चना की खरीदी की जाएगी। दो प्रतिशत अन्य अनाज मिक्स होने पर किसी तरह की आपत्ति नहीं होगी, लेकिन नेफेड (नेशनल एग्रीकल्चर कॉपरेटिव मार्केटिंग ऑफ इंडिया) खरीदी करने वाली सभी समितियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए कि इस साल शून्य प्रतिशत तेवड़ा मिक्स चना ही समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए। खरीदी गए चना में तेवड़ा का एक भी दाना मिलने पर संबंधित किसान का माल रिजेक्ट कर दिया जाएगा। सरकारी वेयर हाउस में यह माल जमा नहीं होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी खरीदी कर रही सेवा सहकारी समितियों की होगी। इसके चलते समितियों ने तेवड़ा मिक्स चना खरीदने से इनकार कर दिया है। स्थिति यह है कि चने से भरी एक ट्रॉली में तेवड़ा का एक भी दाना दिख जाता है तो समितियों खरीदने से इनकार कर रही हैं। इसके चलते किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

घर-घर में चल रहा तेवड़ा बीनने का काम

चना की खरीदी को लेकर सख्त नियम जारी होने से किसानों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। समर्थन मूल्य का लाभ लेने के लिए किसानों को मजदूर लगाकर लगाकर चना में मिक्स एक-एक दाना अलग कराना पड़ रहा है। इसके लिए किसानों को कई मजदूर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी चना में अगर तेवड़ा का एक भी दाना दिख जाता है समर्थन मूल्य पर खरीदने से इनकार कर दिया जाता है।

12 मजदूर कर रहे बिनाई

बेलई निवासी किसान रामबाबू ठाकुर ने बताया कि उन्होंने करीब 200 क्विंटल चना समर्थन मूल्य पर बेचना है, लेकिन तेवड़ा के चंद दाने होने से समिति ने सैंपल रिजेक्ट कर दिया है। मजबूरों में उन्हें चना में मिक्स तेवड़ा के दाने अलग करने के लिए 12 मजदूर लगाने पड़े। प्रत्येक मजूदर को 200 रुपये मजदूरी दे रहे हैं। एक दिन में एक मजदूर मुश्किल से एक क्विंटल चना से उड़द के दाने अलग कर पा रहा है।

पूरा परिवार दो दिन से कर रहा मेहनत

खनखर निवासी निरंजन सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 80 क्विंटल चना समर्थन मूल्य पर बेचना है। लेकिन खरीदी केंद्र संचालक ने चना में तेवड़ा मिक्स होने के कारण सैंपल रिजेक्ट कर दिया। अब मजबूरी में पूरे परिवार के साथ चना में मिक्स तेवड़ा के चंद दाने निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इतनी मेहनत करने के बाद यह तय नहीं कि सैंपल पास हो जाए। अगर 80 क्विंटल चना में तेवड़ा का एक भी दाना दिख जाएगा तो सैंपल रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

2905एसजीआर141-बीना। कनखर गांव में चना में मिक्स तेवड़ा के ताने बीनता किसान का परिवार।

2905एसजीआर142-बीना। बेलई गांव में किसान रामबाबू 12 मजदूरों की मदद से अगल करा रहे तेवड़ा के दाने।

..................................................................................................

टोकन जारी करने से पहली ही शासन ने समर्थन मूल्य खरीदी की साइट की बंद

-समिति संचालक जारी नहीं कर पाए टोकन, किसान नहीं बेच पा रहे गेहूं

बीना (नवदुनिया न्यूज)।

समर्थन मूल्य खरीदी गेहूं बेचे के लिए दर्जनों किसान लाइन में हैं। जबकि सरकार 26 मई से खरीदी बंद करने की घोषणा कर चुकी है। अब सिर्फ उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिन्हें टोकन जारी हुए हैं, लेकिन 20 तारीख से साइट बंद होने से समर्थन मूल्य पर खरीदी कर रहीं सेवा सहकारी समितियां किसानों को टोकन जारी नहीं कर पाई हैं। इससे किसानों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है।

पिपरासर खरीदी केंद्र संचालिक गुन्नाा लोधी का कहना है कि करीब 15 दिन पहले उनके केंद्र को सायलों में शामिल कर दिया गया था। जिन किसानों के पास गेहूं बेचने के लिए मैसेज आया था उन्हें सायलो केंद्र पर भेजा गया। कुछ किसान इस इंतजाम में थे कि खरीदी 31 मई तक चलेगी। इसलिए वह सायलो केंद्र पर जाने में लेट हो गए। अब दर्जनों किसान गेहूं बेचने के लिए सायलो केंद्र पर रुके हुए हैं। लेकिन सायलो सेंटर खरीदी करने वाले कर्मचारी गेहूं खरीदने इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिन किसानों को समितियों ने 26 तारीख को टोकन जारी किए सिर्फ उन्हीं का गेहूं खरीदा जाएगा। लेकिन एक भी किसान के पास टोकन नहीं है। गुन्नाा लोधी ने बताया कि टोक तभी जारी होते जब साइट चालू होतीए लेकिन साइट तो 20 मई से बंद थी। इसलिए एक भी किसान को टोकन जारी नहीं हुआ है। एक तरीके से किसानों को गुमराह किया गया है। अधिकारी घोषणा करते रहे कि टोकन जारी होंगे और साइट बंद कर समितियों को टोकन जारी करने से रोक दिया। इसके चलते दर्जनों किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित रह गए हैं।

किसान हो रहे परेशान

समर्थन मूल्य पर जिन किसानों ने 20 तारीख के बाद गेहूं बेचा है उनका नाम समर्थन मूल्य खरीदी की साइड पर फीड नहीं हो पाया है। इसके चलते किसान परेशान हो रहे हैं। पालीखेड़ा निवासी गौरीशंकर पिता मुलायम सिंह यादव ने बताया कि उन्होंन 25 मई को सायलो सेंटर पर 360 क्विंटल गेहूं बेचा है। लेकिन ऑन लाइन फीडिंग न होने से उन्हें रिसीविंग नहीं दी जा रही है। इसी तरह सीताराम दांगीए लाखन सिंह दांगी सहित अन्य किसान गेहूं बेचने पर ऑन लाइन फीडिंग कराने के लिए ऑपरेटरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन ऑपरेटरों का कहना है हमें ऑफ लाइन खरीदी की हैए साइट खुलने पर खरीदी का रिकॉर्ड ऑन लाइन किया जाएगा।

हम कर देंगे चक्का जाम

किसानों की शिकायत पर शुक्रवार को पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह सायलो केंद्र पर पहुंचे। किसानों ने उन्हें अपनी अपनी समस्या बताई। इस पर उन्होंने तहसीलदार संजय दुबे से कहा कि लाइट बंद होने से किसानों को टॉक जारी नहीं किए गए हैं। जिन किसानों के पास गेहूं बेनचे के लिए मैसेज आए उन सभी का गेहूं खरीदा जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो वह खुरई रोड पर किसानों के समर्थन में चक्का जाम करेंगे।

अब कुछ नहीं हो सकता

समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने की अंतिम तारीख 26 मई थी। अब सिर्फ उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिनके पास टोकन हैं। दूसरे किसानों का किसी भी कीमत पर गेहूं नहीं खरीदा जाएगा।

ब्रजेश जाटव, सहायक खाद्य निरीक्षकए बीना

2905एसजीआर143-बीना। सायलो केंद्र पर किसानों की परेशानी के संबंध में तहसीलदार से बात करते पूर्व जनपद अध्यक्ष।

.........................................................................................

किसानों की मेहनत पर मौसम की मार, बेमौसम बारिश से भीगा किसानों का अनाज

वेयर हाउस में जमा करने में होगी दिक्कत, किसानों को सुखाना पड़ेगा, गेहूं,चना

बीना (नवदुनिया न्यूज)।

समर्थन मूल्य पर गेहूं चना बेचने के लिए स्टेट वेयर हाउस बिहरना में रुके किसानों को शुक्रवार को मौसम की मार झेलनी पड़ी। दोपहर करीब 2ः30 बजे अचानक हुई बारिश से वेयर हाउस में खुले में पड़ा किसान के साथ-साथ हजारों क्विंटल गेहूं,चना भीग गया। सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को होगी जिनका अनाज बिक नहीं पाया था। किसानों को दोबारा अनाज सुखाकर बेचना पड़ेगा।

वेयर हाउस में चना बेचने पहुंचे किसान अजय सिंह ने बताया कि वह दो दिन से केंद्र पर रुके हुए थे। सैंपलिंग न होने के कारण तौल नहीं हो पाई थी। इन्होंने करीब 40 क्विंटल चना जमीन पर उढ़ेल रखा था। मौसम को देखकर नहीं लग रहा था कि बारिश होगी। लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया और कुछ ही मिनट में बारिश शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। इससे चना के ढेर में पानी भर गया है। धूप निकलने पर उन्होंने चना सुखाना पड़ेगा तभी समर्थन मूल्य पर बिकेगा। इसी तरह वेयर हाउस में संचालित तीन अन्य समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर रुके किसानों का चना बारिश में भीग गया। उन्हें भी चना सुखाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। चना में नहीं होने पर वेयर हाउस में जमा नहीं किया जाएगा।

सहकारी अनाज भी भीगा

वेयर हाउस में भंडारण के लिए रखा करीब 3 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया। कुछ बारियों तो करीब आधा-आधा फीट पानी में डूब गईं। बारिश बंद होने के बाद बोरियों को पानी से निकालकर अलग रखा गया। इसी तरह वेयर हाउस में जमा होने के लिए रखा सैकड़ों क्विंटल चना भी बारिश में भीग गया। इस संबंध में वेयर हाउस मैनेजर एमके पालिया का कहना है कि वह नमी वाली अनाज जमा नहीं करेंगे। बारिश में जो अनाज भीग गया उसे सुखाकर लाया जाएगा तभी हम जमा करेंगे।

2905एसजीआर144-बीना। बेमौसम बारिश के कारण स्टेट वेयर हाउस में भीग गया हजारों क्विंटल चना और गेहूं।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना