बीना (नवदुनिया न्यूज)।

लॉकडाउन के डर से काम छोड़कर घर जा रहे प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेनों में खड़े होने भी जगह नहीं मिल रही है। यात्रा के दौरान मजदूरों को कई मुसीबतों का सफर करना पड़ रहा है। इन मजदूरों को बीना स्टेशन पर पानी भरने के लिए नंबर आने का इंतजार करना पड़ रहा है। वाटर स्टैंड में प्रेशर कम होने के कारण मजदूर एक से दूसरे वाटर स्टैंड पर दौड़ भाग करते नजर आते हैं। मजदूरों की परेशानी जानते हुए रेलवे अधिकारी वाटर स्टैंड के नलों का प्रेशर नहीं बढ़ा रहे हैं। इसके चलते मजदूरों को ओवर रेट पर पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है।

रोज की तरह बुधवार सुबह 11रू05 बजे झेलम एक्सप्रेस बीना स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर पांच पर आकर रुकी। पुणे से जम्मूतवी जा रही इस ट्रेन में प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ थी। ट्रेन रुकते ही सैकड़ों की संख्या में मजदूर पानी भरने के लिए प्लेटफार्म पर उतरे। देखते ही देखते वाटर स्टैडों पर भीड़ लग गई। लेकिन वाटर स्टैंड में पानी का प्रेशर इतना कम था कि एक लीटर की बोतल भरने के लिए आधा मिनट से भी ज्यादा समय लग रहा था। भीड़ ज्यादा होने के कारण मजदूर जल्दी पानी मिलने की उम्मीद में एक से दूसरे वाटर स्टैंड पर दौड़ भाग कर रहे थे। लेकिन पानी की प्रेशर सभी वाटर स्टैंड में एक जैसा था। इसके चलते मजदूरों को पानी भरने के लिए नंबर आने का इंतजार करना पड़ रहा था। प्लेटफार्म पर झांसी एंड की ओर वाटर स्टैंड में दोनों तरफ 8 नल लगे हुए हैं। जबकि पानी भरने के लिए दर्जनों यात्री कतार में थे। ट्रेन का स्टापेज पांच मिनट होने के कारण यात्रियों को डर था कि पानी के लिए नंबर आने से पहले ट्रेन चल देगी। इसके चलते न चाहते हुए भी मजदूरों को 20-20 रुपये खर्च करके पानी की बोतल खरीदनी पड़ी।

नदी में पर्याप्त पानी

वर्तमान में बीना नदी में पर्याप्त पानी है। रेलवे के पंप हाउस से रोज करीब 35 लाख लीटर पानी सप्लाई किया जा रहा है। पश्चिमी रेलवे कॉलोनी स्थित फिल्टर प्लांट से पानी फिल्टर कर रेलवे स्टेशन और कॉलोनियों में सप्लाई किया जाता है। पर्याप्त पानी और सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद भी वाटर स्टैंड के नलों में प्रेशर से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, इससे मजदूरों को जरुरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है।

हम चौक करा लेते हैं

पुरानी पाइप लाइन बदली गई है, हो सकता है इसी वजह से नलों में प्रेशर से पानी न रहा हो। मैं आज ही ही चौक करा लेता हूं, यदि कोई फॉल्ट होगा तो उसे ठीक कर नलों का प्रेशर बढ़ाया जाएगा।

अशोक ठाकुर, आईओडब्ल्यू, बीना

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags