बीना (नवदुनिया न्यूज)। मालखेड़ी रेलवे स्टेशन पर दो दर्जन से अधिक ट्रेनों के स्टापेज हैं। दिल्ली, गुना की ओर से आने वाली ट्रेनों को बीना स्टेशन के बजाए मालखेड़ी फ्लाई ओवर से निकाला जा रहा है। मालखेड़ी स्टेशन पर रूकने वाली इन ट्रेनों से रोज सैकड़ों यात्री सफर करते हैं। लेकिन उस स्तर की सुविधाओं का विस्तार नहीं किया जा रहा है। खासतौर से पूरे प्लेटफार्म पर शेड न होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्षा के मौसम में यात्रियों को भीगते हुए ट्रेन में सवार होना पड़ता है। इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके प्लेटफार्म पर शेड तैयार नहीं किया जा रहा है।

मालखेड़ी स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म की लंबाई करीब 700 मीटर है, जबकि शेड बामुश्किल 200 मीटर प्लेटफार्म पर बना हुआ है। शेष करीब 500 मीटर प्लेटफार्म पर शेड नहीं है। इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी वर्षा के मौसम में होती है। मूशलाधार बारिश के बीच ट्रेन आने पर यात्रियों को भीगते हुए ट्रेन में सवार होना पड़ता है और ट्रेन से उतरने वाले कई यात्री शेड के नीचे आने तक भीग जाते है। इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को उत्कल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 3 घंटे देरी से चल रही थी। यह ट्रेन सुबह करीब 7ः30 बजे मालखेड़ी स्टेशन पर पहुंची। इस समय जमकर बारिश हो रही थी। यात्रियों को भीगते हुए ट्रेन में सवार होना पड़ा। इसी तरह ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वर्षा के मौसम में यात्रियों को रोज इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके रेलवे अधिकारी पूरे प्लेटफार्म पर शेड तैयार नहीं करा रहे हैं।

दो दर्जन से अधिक ट्रेनों के स्टापेज

मालखेड़ी रेलवे स्टेशन पर एक दर्जन से अधिक नियमित और साप्ताहिक ट्रेनों का स्टापेज है। इनमें गोंडवाना, उत्कल, दयोदय, मेमू स्पलेश, मुख्य ट्रेनें हैं। इन ट्रेनों के दोनों फेरों में रोज सैकड़ों यात्री सफर करते हैं। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक साप्ताहिक ट्रेनों के स्टापेज हैं। लंबी दूरी की इन ट्रेनों में भी स्टेशन से सैकड़ों की संख्या में यात्री सफर करते हैं। बावजूद इसके यात्री सुविधाओं का विस्तार नहीं किया जा रहा है।

प्लेटफार्म पर नहीं कोच गाइडेंस

शेड न होने के कारण प्लेटफार्म पर कोच गाइडेंस भी नहीं लगाए गए हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कोच गाइडेंस न होने के कारण ट्रेन आने के दौरान यात्रियों को पता नहीं रहता है कि जिस कोच में उनका रिजर्वेशन है वह कहां आ रहा है। इसलिए ट्रेन आने के बाद यात्रियों को अपने कोच तक पहुंचने के लिए दौड़ भाग करनी पड़ती है। यह सब जानते हुए रेलवे अधिकारी यात्रियों की परेशानियों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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