- विवि में 25 पदों की भर्ती परीक्षा का 45 लाख रुपए में दिया ठेका

हरवेंद्र सिंह। सागर, नवदुनिया

डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया हमेशा से ही विवादों में रही है। इस बार किसी प्रकार का विवाद व आपत्ति न हो इसके लिए सीबीटी (कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट) के माध्यम से परीक्षा होगी। सीबीटी के माध्यम से वस्तुनिष्ठ प्रश्नों व दक्षता परीक्षण की परीक्षाएं तो पहले भी हुई है, लेकिन वर्णानात्मक परीक्षा में पत्र लेखन की प्रक्रिया पहली बार कंप्यूटर टाइपिंग के माध्यम से होगी। 25 अलग-अलग विषयों के पदों के लिए होने वाली परीक्षा में वर्णानात्मक विषय में भी सीबीटी से होना अभ्यार्थियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि अब तक किसी भी परीक्षा एजेंसी ने वर्णनात्मक परीक्षा सीबीटी माध्यम से नहीं कराई है। यदि यह परीक्षा होती है तो कंप्यूटर बेस्ड वर्णनात्मक परीक्षा लेने वाला डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, पहला विश्वविद्यालय होगा।

अभ्यार्थियों का मानना है कि लोवर डिविजन क्लर्क के पदों की भर्ती वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के आधार पर हो सकती है। इस भर्ती परीक्षा के लिए विवि को 45 लाख रुपए का टेंडर जारी करने की आवाश्यकता नहीं थी और यदि पारदर्शिता बनाने के लिए यह हो रहा था तो सीबीटी से वस्तुनिष्ठ प्रश्नों व दक्षता परीक्षण की परीक्षाएं ही आयोजित होनी चाहिए थी। वे बताते हैं कि देश के शीर्ष पदों की भर्ती में भी वर्णानात्मक विषय पर सीबीटी माध्यम से आयोजित नहीं होती।

सिलेबस में मिली यह गड़बड़ी

गौरतलब है कि डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में 25 पदों को लिए होने वाली परीक्षा की तारीख बढ़ाने के बाद दूसरी बार फिर से अभ्यर्थियों के फॉर्मों का सत्यापन शुरू हो गया है। नए नोटिफिकेशन के पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया गया, जिसमें कई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। 50 पेज के सिलेबस में पेज क्रमांक 4 में सेकंड पेपर में वर्णानात्मक परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय दिया गया है। वही कम्पोनेंट में उसी पेपर का समय 1 घंटा दिया गया है। इससे एलडीसी पदों पर फॉर्म भरने वाले अभ्यार्थी उलझन में फंसे हुए हैं।

गड़बड़ी हुई है, संशोधन कर दिया जाएगा

स्कीम ऑफ एग्जामिनेशन व कंपोनेंट में अलग-अलग समय के संबंध में अब तक किसी अभ्यार्थी द्वारा शिकायत नहीं की गई है। इसमें जो गड़बड़ी हुई है, वेबसाइट पर इसका संशोधन कर दिया जाएगा। सीबीटी के माध्यम से परीक्षा में पारदर्शिता रहेगी। वहीं वर्णनात्मक विषय के संबंध में जो भी निर्देश रहेंगे वह भी वेबसाइट पर दिए जाएंगे। आरपी तिवारी, कुलपति, विवि सागर।

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फोटो- 0412एसए 35 सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर

Posted By: Nai Dunia News Network