बीना (नवदुनिया न्यूज)। देहरी-बेलई गांव को जोड़ने वाली सड़क वर्षा शुरू होते ही कीचड़ में तब्दील हो जाती है। दो किलोमीटर लंबी इस सड़क से पैदल निकलना भी मुश्किल है। इस साल भी वर्षा का मौसम शुरू होते ही पूरी सड़क दलदल बन गई है। एक से दूसरे गांव जाने के लिए ग्रामीणों को 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। दोनों गांव के लोग सालों से प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत पक्की सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने कभी सड़क निर्माण को लेकर रूचि नहीं दिखाई।

दो गांव को जोड़ने वाली यह सड़क बेलई और देहरी पंचायत के अंतर्गत आती है, लेकिन पंचायत स्तर पर भी पक्की सड़क बनाने का प्रयास नहीं किया गया है। इसका खामियाजा दोनों गांव के आम लोगों के साथ-साथ सैकड़ों किसान भुगत रहे हैं। सड़क के आजू बाजू में दोनों गांव के सैकड़ों किसानों के खेत हैं। वर्षा का सीजन शुरू होते ही किसानों को खेतों तक जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा आम लोगों को एक से दूसरे गांव जाने के लिए 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। देहरी से दो किलोमीटर दूर बेलई गांव तक जाने के लिए उन्हें देहरी रोड से होते हुए बीना-खिमलासा और भानगढ़ रोड से बेलई जाना पड़ता है। देहरी ओर बेलई के बहुत से किसान तो ऐसे हैं जिनकी जमीन दूसरे गांव में हैं। इन किसानों को खेत तक जाने के लिए बीना से आना जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वह लंबे समय से प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक पक्की सड़क नहीं बनाई गई है। इसके अलावा दोनों पंचायतों ने बारिश से पहले सड़क की मरम्मत भी नहीं कराई है। इसके चलते वर्षा शुरू होते ही सड़क से आवाजाही बंद हो गई है।

रिफाइनरी जाने में हो रही परेशानी

बेलई गांव के कई लोग रिफाइनरी में काम करते हैं। गांव से रिफाइनरी की दूरी बामुश्किल साढ़े तीन किलोमीटर है। लेकिन वर्षा के मौसम में रिफाइनरी जाने के लिए इन्हें 15-20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। कर्मचारियों को मोटर साइकिल से बीना होते हुए आगासौद गांव से रिफाइनरी आना जाना पड़ता है। इसके बाद अधिकारी और जन प्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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