बीना। नवदुनिया न्यूज

पितरों की तृप्ति का पर्व पितृ पक्ष शुक्रवार से शुरू हो गया। सैकड़ों की संख्या में लोग मोतीचूर नदी में पितरों को पानी देने पहुंचे। पितृ मोक्ष अमावस्या तक लोग जल तर्पण कर अंतिम दिन पितरों को विसर्जन करेंगे। इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए लोग श्राद करेंगे। पं. देवशंकर दुबे ने बताया कि पितरों को तृप्त करने के लिए पितृ पक्ष में पानी दिया जाता है। उन्होंने बताया कि देवता, ऋषि और पितरों को अलग-अलग दिशाओं में पानी दिया जाता है। पूर्व दिशा में एक-एक अंजुली जल देवताओं को तर्पण किया जाता है। वहीं उत्तर दिशा में सप्त ऋषियों को दो-दो अंजुली जल तर्पण किया जाता है। इसके अलावा दक्षिण दिशा में 14 यम ओर पितरों को तीन-तीन अंजुली जल अर्पित किया जाता है। पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों का विसर्जन किया जाता है। इसके अलावा तिथि पर पितरों को तृप्त करने के लिए श्राद्ध कर ब्राह्‌राणों को भोजन कराया जाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग श्राद्ध करने में सक्षम नहीं वह पितृ पक्ष में गाय को हरा चारा खिलाएं। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और मोक्ष प्राप्त होता है।

1309 एसजीआर 146 बीना। मोतीचूर नदी में जल तर्पण करते लोग।

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हमें विटामिनयुक्त भोजन ग्रहण करना चाहिए : डॉ. चंदा रत्नाकर

बीना। नवदुनिया न्यूज

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में शुक्रवार को शासकीय गर्ल्स कॉलेज में पोषण आहार माह के अंतर्गत संतुलित आहार विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें प्राचार्य सहित वक्ताओं ने पोषण आहार पर अपने विचार पौष्टिक आहार लेने की बात कही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. चंदा रत्नाकर ने छात्राओं से कहा कि हम सभी को विटामिनयुक्त भोजन ग्रहण करना चाहिए। पौष्टिक आहार लेने से कार्य क्षमताओं का विकास होने के साथ-साथ शरीर में ऊर्जा रहती है। विषय विशेषज्ञ डॉ. रेनू वाला शर्मा ने संतुलित आहार को परिभाषित करते हुए बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आयु, ऊंचाई, वजन व कार्य क्षमता के आधार पर जितने भोजन की आवश्यकता हो, लेना चाहिए। विषय को समझाते हुए उन्होंने कहा कि भोजन में ऊर्जा की प्राप्ति हमें प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट जैसे जरूरी पोषक तत्वों से होती है। शरीर के निर्माण के लिए प्रोटीन युक्त भोजन चाहिए एवं शरीर की रक्षा के लिए विटामिन, मिनरल्स युक्त संतुलित आहार लेना जरूरी है। डॉ. उमा लवानिया ने कहा कि हमें हमेशा शांत चित्त में बैठकर भोजन करना चाहिए। भोजन के रूप में ताजे फल, हरी सब्जियां, दूध लेना चाहिए। डॉ. निशा जैन ने कहा कि हमें सात्विक व संतुलित भोजन लेना चाहिए, क्योंकि जैसा अन्ना खाते हैं वैसी हमारा मन रहता है। प्रो. विनय दुबे ने कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण होता है, इसलिए हमें ताजा व पोषण युक्त भोजन लेना चाहिए।

1309 एसजीआर 147 बीना। पोषण आहार व्याख्यान में उपस्थित छात्राएं।

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खो-खो प्रतियोगिता में बाल, बालिका वर्ग में सागर की टीमें रहीं विजेता

बीना। नवदुनिया न्यूज

केशव शिक्षा समिति महाकौशल प्रांत के तत्वावधान में शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में प्रांतीय खो-खो समूह प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में ग्राम भारती महाकौशल प्रांत के 8 विभागों के 195 खिलाड़ी शामिल हुए। बाल वर्ग में अंडर 14 की 8 टीमें एंव बालिका वर्ग में अंडर 14 में 10 टीमों ने हिस्सा लिया। दोनों में दोनों वर्ग में सागर की टीमें विजेता रहीं। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केशव शिक्षा समिति महाकौशल प्रांत के अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने दीप प्रज्जवलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास के लिए अनेक आयाम दिए हैं। इनके माध्यम से हमें जो संस्कार मिलते हैं उन्हीं के आधार पर वह सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं। जिला सचिव महेश अग्रवाल ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना के साथ खेलने की बात कही। ग्राम भारती जिला सचिव उमेश वैद्य ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल जरूरी हैं। इसीलिए स्कूल में समय-समय पर खेलों का आयोजन किया जाता है। अतिथि उद्बोधन के बाद प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया गया। लीग मैचों के बाद सेमीफाइनल मैच कराए गए। बालिका वर्ग में पहला सेमीफाइनल दमोह और सागर के बीच हुआ। इसमें सागर की टीम विजेता रही। दूसरा मैच कटनी और सीधी के बीच हुआ। इसमें कटनी की टीम विजेता रही। बालक वर्ग में सागर और सतना के बीच पहला मैच खेला गया। बालिका वर्ग में प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला सागर और कटनी के बीच हुआ, इसमें सागर की टीम विजेता रही। बालक वर्ग में सागर और कटनी के बीच मैच खेला गया। इसमें भी सागर की टीम ने जीत दर्ज की। इस अवसर पर विद्यालय के घनश्याम तिवारी, व्यवस्थापक महेश नायक, सह सचिव डॉ. जयश्री साहू, राधिका प्रसाद गौतम, शिवानंद सिन्हा, दिलीप नंदा, अरविंद सिंह ठाकुर, महेंद्र विश्वकर्मा, तिलक सिंह यादव, वीरेंद्र तिवारी, गोविंद सिंह ठाकुर उपस्थित थे।

1309 एसजीआर 148 बीना। खिलाड़ियों का परिचय लेते अतिथि।

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पाश्चात्य संस्कृति हमें गर्त में ले जा रही हैः मुनिश्री अभयसागर

खुरई। नवदुनिया न्यूज

अतिशय क्षेत्र नवीन जैन मंदिर में धर्मसभा का आयोजन हुआ। मुनिश्री अभयसागर महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति रत्नत्रय का धारी होता है, उसका कल्याण स्वमेव हो जाता है। वर्तमान समय में व्यक्ति अपनी भारतीय संस्कृति को तिलांजलि देकर पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहा है, जिससे उसका चारित्र का पतन तो हो रहा है, उसके साथ ही आत्मीय संबंध भी तार-तार हो रहे हैं। प्राणी मात्र की रक्षा करना तो दूर अब वह अपनों से भी संबंध नहीं बना पा रहा है। मुनिश्री ने कहा कि पूर्व में शादी, विवाह संबंध आदि में जो आत्मीयता, प्रेम झलकता था वह अब नदारद है। अब प्रत्येक कार्य में नौकरशाही हावी हो गई है। महिला संगीत ने तो सभी मर्यादा पार कर ली है। शादी का मुख्य आकर्षण महिला संगीत ही बचा है। महिला संगीत की फूहड़ता को देख ऐसा प्रतीत होता है जैसे मेला संगीत हो रहा हो। महिला संगीत में पुरुषों का शामिल होना भी हमारी विकृत मानसिकता का परिचय देता है। मुनिश्री ने कहा कि शादी के पूर्व ही लड़का-लड़की ऐसे मिलते हैं, जैसे वर्षों से उनके संबंध बने आ रहे हों। उनकी वीडियोग्राफी शादी के कार्यक्रम में ऐसे दिखाई जाती है जैसे शादी तो मात्र औपचारिकता के लिए हो रही है। ऐसे में धर्म की बात करना बेमानी होता जा रहा है। सप्त व्यसन के गिरफ्त में युवा पीढ़ी कुछ इस तरह जकड़ गई है कि उससे निजात पाना दिवास्वप्न ही लगता है। मुनिश्री प्रभातसागर महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति का रहन-सहन, खाना-पीना सब बिगड़ता जा रहा है। बच्चों को अभिभावकों के लाड़-प्यार ने बिगाड़ दिया है। मोबाइल संस्कृति ने भी सबकुछ तहस-नहस करके रख दिया है। अब तो शिक्षक भी बच्चों को डांट-फटकार नहीं कर सकता, मारने की बात तो बहुत दूर की है। बाकी कसर कान्वेंट संस्कृति ने पूरी कर दी। मुनिश्री निरीहसागर महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में अंधानुकरण चरम सीमा पर है। हमारा विवेक शून्य होता जा रहा है। हम अच्छे-बुरे की परवाह किए बिना भौतिक सुख की चाहत में अपना सर्वस्व गंवाने को आतुर प्रतीत हो रहे हैं। प्रवचन के पूर्व जिनेन्द्र गुरहा एवं धर्मेन्द्र सेठ, प्रकाशचंद सराफ, हेमचंद बजाज, अशोक शाकाहार आदि ने मुनि संघ को शास्त्र भेंट किए। इसके बाद प्रश्नोत्तरी पत्रिका का विमोचन अभिषेक जैन ने किया।

1309 एसजीआर 149 खुरई। प्रवचन देते मुनिश्री अभयसागर महाराज।

1309 एसजीआर 1410 खुरई। प्रवचन श्रवण करते श्रद्धालु।

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नए छह वार्डों में भी पक्की सड़कों की दरकार

- कई सड़कों के टेंडर होने के बाद भी काम नहीं हुआ शुरू

खुरई। नवदुनिया न्यूज

नगरपालिका ने शहर की मुख्य सड़कें तो बना दीं, लेकिन बस्ती के अंदर की अधिकतर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। सड़कों में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। नए छह वार्डों में भी पक्की सड़कों की दरकार है। राजीव गांधी चौक से थाने जाने वाली रोड को जोड़ने वाली शास्त्री वार्ड की सड़क पिछले दो वर्षों से उखड़ी पड़ी है। इस सड़क का लगभग एक वर्ष पूर्व टेंडर भी हो चुका है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। यह सड़क बायपास का कार्य करती है। शहर के लोग लंबा चक्कर न लगाकर सीधे इस सड़क के माध्यम से बीना रोड पहुंच जाते हैं। यही हाल महावीर वार्ड की गली नंबर 2 का है। डॉ. सप्रे के सामने से पुराने जैन मंदिर को जोड़ने वाली सड़क भी उखड़ी है। कुशाभाउ ठाकरे वार्ड की पाठक गली जो कि उस वार्ड की पांच गलियों को जोड़ती है। इस सड़क का भी संभवत? टैंडर हो चुका है, लेकिन ठेकेदार ने बोल्डर एवं मुरम डालकर काम रोक दिया है। यहां भी पक्की सड़क बनना प्रस्तावित है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड यह भी दस साल पूर्व नया वार्ड बना है। यहां की भी कई गलियां सड़कविहीन हैं, यहां के रहवासी टैक्स तो पूरा भर रहे हैं लेकिन सड़क के अभाव में बारिश के मौसम में नारकीय जीवन जी रहे हैं।

1309 एसजीआर 1411 खुरई। कुशाभाउ ठाकरे वार्ड के सड़क जर्जर।

1309 एसजीआर 1412 खुरई। राजीव गांधी चौक से थाने जाने वाली सड़क की हालत क्षतिग्रस्त।

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पीडब्ल्यूडी नहीं कर रहा क्षतिग्रस्त भवन डिस्मेंटल, हो सकता है हादसा

खुरई। नवदुनिया न्यूज

पं. केसी शर्मा एक्सीलेंस स्कूल परिसर में 137 साल पहले बना एक भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। 74 दिन पहले शाला प्रबंधन समिति की अध्यक्ष एसडीएम शशि मिश्रा ने इस डिस्मेंटल करने का आदेश लोनिवि को दिया था, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण अभी तक भवन नहीं गिराया गया। लोगों का कहना है कि भवन जर्जर हालत में है जो बरसात में कभी भी गिर सकता है। लोगों का कहना है कि इस भवन का आधा हिस्से दो साल पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया है। बचा हुआ आधा भवन भी जर्जर हालत में है। यह भारी बारिश के चलते कभी भी ढह सकता है। विद्यालय में डेढ़ हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं। इसी भवन के पीछे विद्यालय का स्टेज बना है, कभी भी दुर्घटना घट सकती है। लोगों का कहना है कि समय रहते यदि ध्यान नहीं दिया तो अनहोनी हो सकती है।

दो जुलाई को भेजा था पत्र

जर्जर भवन को डिस्मेंटल करने के आदेश 2 जुलाई को लोनिवि को दिए जा चुके हैं। दो दिन पहले बरसात से दो दीवारें गिर गई थीं बकाया दीवारें भी तिरछी हो गई हैं। विद्यार्थियों को खतरा हो सकता है, हालांकि उन्हें क्षतिग्रस्त भवन के पास जाने को मना किया गया है।

- आरएस शर्मा, प्राचार्य, एक्सीलेंस स्कूल, सागर

स्वीकृति के बाद भवन गिरेगा

भवन गिराने की फाइल कार्यपालन यंत्री को भेजी गई है। उनकी स्वीकृति के बाद ही भवन डिस्मेंटल किया जाएगा।

- एके आठिया, एसडीओ पीडब्ल्यूडी खुरई

1309 एसजीआर 1413 खुरई। क्षतिग्रस्त भवन का दृष्य।