21 गांवों की सुरक्षा के लिए थाने में पदस्थ हैं निरीक्षक समेत 20 पुलिसकर्मी

बीना (नवदुनिया न्यूज)। पुलिस अनुविभाग में एक थाना ऐसा भी है जहां पिछले 40 दिनों में केवल दो अपराध ही दर्ज हुए हैं। इनमें एक धारा 304 ए का है तो दूसरा 5 लीटर अवैध शराब के विक्रय का। बीते चार सालों में यहां दर्ज अपराध भी बहुत ज्यादा नहीं हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो चार सालों में 510 अपराध दर्ज हुए हैं। इनमें से भी अधिकतर माइनर एक्ट के हैं। यह पुलिस थाना है बीना अनुविभाग का आगासौद थाना। इस थाने में 21 गांवों की सुरक्षा के लिए एक निरीक्षक समेत 20 पुलिसकर्मी पदस्थ हैं। थाना रिफाइनरी टाउनशिप के नजदीक 2009 में शुरू हुआ था।

1996 में रिफाइनरी का शिलान्यास होने के बाद 2007 में बीना रिफाइनरी का निर्माण शुरू हुआ। रिफाइनरी में काम करने गुजरात, बिहार, तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, उड़ीसा सहित दूरदराज के प्रदेशों से काम करने लोग आए। क्षेत्र में सुरक्षा के लिए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता महसूस हुई तो रिफाइनरी प्रबंधन ने मप्र सरकार से पुलिस थाना खुलवाने के लिए पहल की। टाउनशिप के समीप रिफाइनरी द्वारा पुलिस थाना बनवाया गया और 2009 में पुलिस थाना शुरू हुआ। पहले बीना अनुविभाग में भानगढ़, बीना, खिमलासा पुलिस थाने थे, आगासौद थाना शुरू होने के बाद चार पुलिस थाने हो गए। तब सीमांकन की आवश्यकता महसूस हुई। रिफाइनरी के आसपास वाले गांवों के अतिरिक्त नईबस्ती पुलिस चौकी भी आगासौद थाना क्षेत्र में आ गई। जब विसंगति की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी गई तो पुनः सीमांकन हुआ और 2016 में आगासौद थाना क्षेत्र में कुल 21 गांव रखे गए। इनमें से कुछ गांव रिफाइनरी के आसपास के तथा कुछ देहरी रोड के थे।

चार साल में 500 अपराध हुए दर्ज

बीते चार साल में आगासौद थाना क्षेत्र में 500 के आसपास प्रकरण दर्ज हुए हैं। इनमें वर्ष 2019 में 99, 2018 में 153, 2017 में 170 तथा 2016 में 143 अपराध पंजीबद्ध हुए थे। दर्ज हुए प्रकरणों में ज्यादातर अपराध माइनर एक्ट यानि आबकारी, एक्सीडेंट, मामूली सी मारपीट के हैं। वर्ष 2020 के जनवरी और फरवरी के 40 दिनों में दो अपराध दर्ज हुए हैं।

क्षेत्र छोटा और शांत है

स्थानीय लोगों का मानना है कि आगासौद थाना क्षेत्र में जिन गांवों को शामिल किया गया है वहां शांत प्रकृति के लोग निवास करते हैं। क्षेत्र भी छोटा है और अपराध ग्रीष्मकाल में अधिक घटित होते हैं। इन दिनों में ठंड पड़ी है इस कारण लोगों का ज्यादातर समय अपने घरों में या खेती किसानी में ही बीता है।

रिफाइनरी की सुरक्षा के लिए है इतना अमला

जनवरी से अब तक कुल 2 अपराध दर्ज हुए हैं। यदि शिकायत आती है तो हम दर्ज भी करते हैं। क्षेत्र शां है और अपराध कम ही हैं। दरअसल इस थाने की स्थापना रिफाइनरी की सुरक्षा के लिहाज से हुई थी। संवेदनशील इंडस्ट्री है। कभी भी जरूरत पड़ सकती है। वैसे इतना अमला है तो उसका उपयोग पूरे जिले में कहीं भी हो जाता है।

वीरेंद्र सिंह चौहान, थाना प्रभारी आगासौद

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Posted By: Nai Dunia News Network