- तेज गर्मी के बाद एक दिन पहले हुई बारिश से फिर हुई हजारों मछलियों की मौत, दुर्गंध से लोग हो रहे परेशान

सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

तेज गर्मी के बाद गुरुवार को हुई बारिश से सागर लाखा बंजारा झील में हजारों मछलियों की मौत हो गई। बारिश से शहर की लाखा बंजारा झील में ऑक्सीजन की कमी हो गई, जिससे शुक्रवार को भी मछलियों ने दम तोड़ दिया। तालाब में मछलियों की मौत के बाद से यहां दुर्गंध उठ रही है जिससे यहां से गुजरने वाले राहगीरों के अलावा स्थानीय रहवासी व दुकानदार भी बदबू से परेशान हैं। वहीं झील में ऑक्सीजन घोलने आए फाउंटेन फव्वारे निगम में धूल खा रहे हैं तो वहीं दूसरे फव्वारों का पता नहीं है।

दो दिनों से मछलियों की लगातार मौत होने से जिला अस्पताल, संजय ड्राइव व परकोटा रोड से आने जाने वालों के अलावा झील से लगे इलाके के लोग दुर्गंध सहन नहीं कर पा रहे हैं। यहां रहने वाले लोगों का खाना-पीना दुश्वार हो गया है। मछलियों की मौत का यह पहला मामला नहीं है, बल्कि यहां हर साल लाखों मछलियों की मौत होती है। इसकी जानकारी होने के बाद भी निगम प्रशासन सालों बाद भी झील में मछलियां न मरें इसका कोई हल नहीं निकाल पाया है, जबकि कई उपकरण निगम में रखे-रखे धूल खा रहे हैं।

34 लाख से खरीदे एरियेटर व फव्वारे खा रहे धूल

झील संरक्षण योजना के तहत निगम प्रशासन ने करीब 34 लाख की लागत से अहमदाबाद की फाउंटेन कंपनी को अंडर वाटर एरियेटर लगाने का ठेका दिया था। कंपनी ने सागर झील में फव्बारे तो लगाए, लेकिन एरिएटर लगाने के पहले ही रफू चक्कर हो गई। एरिएटर नगर निगम कार्यालय में पिछले कई सालों से धूल खा रहे हैं। निगम प्रशासन ने कंपनी को करीब 19 लाख रुपए भुगतान भी किया, लेकिन कंपनी काम अधूरा छोड़कर चली गई। निगम के नोटिस के बाद भी झील में एरियेटर लगाने वह सागर नहीं आए।

पानी में ऑक्सीजन बढ़ाता है एरियेटर, फव्वारे भी झील से गायब

झील के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए अंडर वाटर एरियेटर लगाए जाना थे, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने इसे चालू न करके अधूरा ही छोड़ दिया है। निगम कार्यालय के पीछे की ओर यह एरियेटर सालों से धूल खा रहे हैं, जबकि निगम के अधिकारी व जनप्रतिनिधि इसे अब भी अनदेखा कर रहे हैं। झील के अंदर पहले करीब 50 से 60 फीट ऊपर तक तालाब का पानी फेंकने वाले फाउंटेन फव्वारे भी लगे थे, लेकिन बिजली कनेक्शन टूटने से यह फव्वारे कभी इस घाट तो कभी उस घाट में घूमते-घूमते अब इनका भी कोई पता नहीं है।

पहली बारिश में हर साल मर जाती है लाखों मछलियां

सागर लाखा बंजारा झील में हर साल लाखों मछलियों की मौत हो जाती है। शहर का तापमान 44 से 45 डिग्री के ऊपर पहुंचने के बाद अचानक बारिश होने के बाद झील में ऑक्सीजन कम होने से हर साल लाखों मछलियों की मौत हो जाती है। इस बार तापमान 47 डिग्री तक पहुंच गया, लेकिन एक-दो दिन पहले बादलों के छाने के बाद बारिश होने से एक बार फिर हजारों मछलियों की मौत हो गई है। मछलियों की मौत के कारण लोग नाक पर रूमाल रखकर यहां से गुजरते हुए दिखे।

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फोटो 1406 एसए 25 सागर। तीन मढ़यिा सहित आसपास के घाटों में तालाब के पानी में हजारों मछलियां मरी हुई पड़ी हैं।