सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। पीपरा गांव में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। कथा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा का वाचन करते हुए पं. विपिन बिहारी साथीजी ने कहा कि हरि नाम संकीर्तन से मन निर्मल होता है, मन को शांति मिलती है। प्रभु की प्राप्ति कथा सुनने वाले को मिलती है, इसीलिए हमेशा कथा ध्यान से सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि तुलसीबाबा को भी प्रभु की प्राप्ति तब हुई जब उन्होंने कथा सुनी। गंगा का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि रामचंद्रजी गंगा के इस पार थे, तब वह दशरथ के राम थे। जैसे ही उन्होंने गंगा पार की तो वह है जन जन के राम हो गए। इसी प्रकार अमृत माई श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा पीपरा में वह रही। इसमें सबको गोता लगाने चाहिए, जिसके घर में तीन लोगों का जूठन ना गिरा हो, वहां कभी भोजन नहीं करना चाहिए, क्योंकि वह चांडाल वास करता है। पहला गौ माता, दूसरा कन्या, तीसरा ब्राह्मण। उन्होंने कहा कि सनत, सनानंद, सनातन, सनद कुमार जैसे ही श्रीमद् भागवत कथा सुनाने लगे तब नारद जी खड़े होकर दोनों हाथ जोड़कर बोले की एक बात बताइए जो व्यक्ति पापी, दुष्टि पाप मुक्त हो जाते हैं, क्या चारों भाई बोले नारदजी से कि संसार में कितने भी पापी दुष्ट आदमी हो और अंत में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर लें तो श्रीधाम जाता है। जातापिंड का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपना पिंडरूपी शरीर प्रभु को समर्पित करना चाहिए। यदि भगवान यह स्वीकार कर लें तो उस व्यक्ति का पिंडदान करने की जरूरत नहीं होती।

Posted By: Nai Dunia News Network

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