बीना (नवदुनिया न्यूज)। कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से रिफाइनरी के पास अस्थाई कोविड अस्पताल तैयार किया गया है। अस्पताल में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलते ही शासन की तैयारियों के खोखले वादे सामने आ गए हैं। अस्पताल में उपचार की व्यवस्था न होने के कारण कोरोना पॉजिटिव महिला को इलाज के लिए सागर रेफर किया गया है।

दरअसल नईबस्ती निवासी 45 वर्षीय एक महिला ने सिविल अस्पताल में कोरोना टेस्ट कराया था। दो दिन बाद महिला की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पॉजिटिव महिला को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज सागर भेज दिया गया। इससे शासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए ही रिफाइनरी के पास करोड़ों की लागत से 200 बिस्तर का अस्थाई कोविड अस्पताल तैयार किया गया है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अस्पताल में इलाज के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी हैं। अस्पताल में न तो एक भी एमबीबीएस डॉक्टर हैं और न ही लैब टेक्नीशियन। इसके अलावा अस्पताल में एक्स-रे की सुविधा भी नहीं है। मरीजों को समय पर चाय, नाश्ता और खाना देने के लिए कैंटीन भी चालू नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में कोविड अस्पताल में मरीजों को इलाज करना संभव नहीं है। इसके चलते महिला को सागर भेज दिया गया है। कोरोना के मरीज बढ़ने की आशंका के बाद भी प्रशासन कोविड अस्पताल में मूलभूत सुुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इससे शासन की तैयारियों पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया था वरदान

करीब दो माह पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 200 बिस्तर के अस्थाई कोविड अस्पताल का शुभारंभ किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि कोरोना संभावित तीसरी लहर से निबटने में यह अस्पताल वरदान साबित होगा। क्योंकि अस्पताल में प्रत्येक पलंग से तक पाइप लाइन से ऑक्सीन सप्लाई की जाएगी और बड़े अस्पतालों की तर्ज पर सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जबकि हकीकत यह है कि वर्तमान में डॉक्टरों के नाम पर चार आयुष चिकित्सक, चार स्टाफ नर्स सहित 12 कर्मचारियों का स्टाफ है। अस्पताल में अच्छे डॉक्टरों के साथ-साथ किसी तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

खाना का इंतजाम नहीं हैं

जिस एजेंसी को खाने का काम दिया गया उन्होंने अभी तक अस्पताल में कैंटीन शुरू नहीं की है। मरीज को खाना उपलब्ध कराने में दिक्कत होती, इसलिए उन्हें सागर रेफर किया गया है। यह समस्या जल्द दूर कर ली जाएगी, इसके बाद मरीजों को कोविड अस्पताल में ही भर्ती किया जाएगा।

डॉ. संजीव अग्रवाल, बीएमओ, बीना

Posted By: Nai Dunia News Network

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