सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सागर जिले में हो रही बारिश ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। किसानों का कहना है कि वैसे भी पीला मोजिक रोग से फसल को नुकसान हो चुका था, जो फसल खड़ी थी, वह पककर तैयार है। कुछ जगह कटाई भी शुरू हो चुकी है। बारिश की वजह से इसे क्षति होगी। किसानों का कहना है कि इस साल बारिश ने उन्हें बहुत नुकसान पहुंचाया। जून में समय पर मानसून आया। इससे बोवनी समय पर कर ली, लेकिन जुलाई में पानी ही नहीं बरसा। इससे किसान चिंतित रहे। इसके बाद फसलें पीला मोजिक रोग से ग्रस्त हो गईं। इससे तो कुछ हद तक नियंत्रण पा लिया, लेकिन अब फसल कटाई का काम शुरू हो गया, लेकिन ऐनवक्त पर फिर बारिश शुरू हो गई है। इससे फसल पूरी तरह भींग गई। इससे दाना काला पड़ेगा। यदि शीघ्र ही मौसम नहीं खुला तो एक दाना भी घर ले जाना मुश्किल होगा। सीहोरा के किसान भगवान सिंह के मुताबिक फसल कट चुकी है, करपा खेतों में रखे हैं। बारिश से दाना काला पड़ेगा। बहुत नुकसान होगा। अंकित मिरा के मुताबिक

तीन दिन से कटाई का काम चल रहा है, लेकिन बारिश से फसल भींग गई। आज दोपहर में फिर बारिश हुई। इससे बारिश से कट चुकी व खेत में खड़ी दोनों ही फसलों को नुकसान है। मेरे जैसी स्थिति सभी किसानों की है। इस बारिश से सोयाबीन उपज की बची उम्मीद भी खत्म हो चुकी है। अगरिया के किसान अनुज कुमार के मुताबिक इस साल मौसम की बेरुखी से परेशान हैं। जब बारिश की आवश्यकता होती है तब पानी नहीं गिरता। जब जरूरत नहीं तब झमाझम बारिश हो रही है। ऐसे में नुकसान तो बहुत है, लेकिन हमने सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया है। वहीं इस संबंध में कृषि विज्ञानी मयंक मेहरा का कहना है कि बारिश से भींगने पर पक चुकी फसलों को नुकसान होगा। किसानों के पास एक ही उपाय है कि धूप निकलने पर फसल को सुखाए। बार-बार पलटे, जिससे फफूंद न लगे। इसके लिए मौसम का खुलना जरूरी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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