सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। स्कूलों में तमाम कोशिशों के बाद भी शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। वहीं जगह व कक्षों की कमी से भी विद्यार्थी परेशान हैं। ऐसे ही कुछ समस्या राहतगढ़ ब्लॉक के ईशुरवारा हायर सेकंडरी स्कूल की है। हाईस्कूल से हायर सेकंडरी स्कूल को उन्नात हुए सालों को गए, लेकिन अभी इस स्कूल को स्थाई शिक्षक नहीं मिल पाया है। स्कूल के प्राचार्य की कमान गांव के ही माध्यमिक शाला में पदस्थ कोमल यादव को दी गई है। श्री यादव दो साल से जैसे-तैसे स्कूल की शिक्षण व्यवस्था का संचालन कर रहे हैं। श्री यादव के मुताबिक हायर सेकंडरी स्कूल होने के बाद भी यहां स्थाई पद नहीं है। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए आठ अतिथि शिक्षक रखे गए हैं, जो शिक्षक व्यवस्था का संचालन करते हैं। मैं 2019 से यहां प्रभारी प्राचार्य के पद पर तैनात हूं। मुझसे पहले पांच साल तक अनामिका शुक्ला प्रभारी प्राचार्य के रूप में पदस्थ रहीं।

चार कक्षों में बैठते हैं 403 विद्यार्थी

ईशुरवारा हायर सेकंडरी स्कूल में कक्षा 9 वीं से 12वीं तक चार कक्षाएं लगती हैं। इनमें छात्र-छात्राओं की दर्ज संख्या 403 है, लेकिन पढ़ाने के लिए चार कक्ष ही हैं। गांववालों का कहना है कि स्कूल का उन्नायन तो गया, लेकिन यहां की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया। शासकीय हाईस्कूल का हायर सेकंडरी स्कूल में उन्नायन होने के बाद भी यहां शासन की ओर से अतिरिक्त कक्षों की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते चार कक्षाओं के 403 विद्यार्थी चार कक्षों में बैठते हैं। स्थिति यह है कि एक-एक कक्ष में क्रमशः कक्षा नवमीं, दसवीं, 11वीं व 12वीं लगती हैं।

शिक्षकों की कमी से विज्ञान और गणित संकाय अटके

स्कूल में विषय विशेषज्ञ शिक्षक नहीं होने से 11वीं कक्षा में गणित और विज्ञान संकाय शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे गणित और विज्ञान पढ़ने के इच्छुक छात्र-छात्राओं के लिए नरयावली, जरुआखेड़ा और सागर पढ़ाई के लिए जाना पड़ रहा है।

पदपूर्ति के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है

शिक्षकों की कमी को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया है। फिलहाल स्कूल में आठ अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं, जिनके माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। कक्षों की कमी दूर करने के लिए भी पत्र लिखा गया है।

- कोमल सिंह, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, ईशुरवारा

Posted By: Nai Dunia News Network

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