बीना (नवदुनिया न्यूज)। सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है। ओपीडी में अक्सर एक डॉक्टर की ड्यूटी रहती है और मरीजों की संख्या सैकड़ों में होती है। भीड़ के चलते डॉक्टरों को तसल्ली से चेकअप करने का समय भी नहीं मिलता। वह मरीजों से मर्ज पूछकर दवा दे देते हैं। यहां तक कि ब्लड प्रेशर के मरीजों का पीबी चेक करने का भी समय नहीं मिलता। भीड़ देखकर कई मरीज तो वापस लौट जाते हैं।

दरअसल सरकारी अस्पताल में पिछले करीब एक साल में आधा दर्जन डॉक्टरों का स्थानांतरण हो चुुका है। इनकी जगह पर दूसरे डॉक्टरों की पोस्टिंग नहीं की गई। गिनेचुने डॉक्टरों के भरासे अस्पताल चल रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि अस्पताल की ओपीडी 150-200 के बीच रहती है, जबकि इलाज करने के लिए ड्यूटी सिर्फ एक डॉक्टर की रहती है। मरीजों की भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि डॉक्टर भी तनाव में आ जाते हैं। जल्दी से जल्दी भीड़ कम करने के लिए डॉक्टर मरीज का चेकअप किए बिना ही मर्ज पूछकर दवा लिख देते हैं। भीड़भाड़ देखकर मरीज भी बिना कुछ बोले दवा वितरण केंद्र से दवा लेकर चले जाते हैं। सोमवार को भी ओपीडी में सिर्फ एक डॉक्टर की ड्यूटी थी, जबकि इलाज के लिए दर्जनों मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। अस्पताल के कर्मचारी मरीजों व्यवस्थाएं बनाने में लगे हुए थे, लेकिन जल्दी इलाज कराने के चक्कर में मरीज डॉक्टर को घेरे हुए थे। भीड़ कम करने के लिए डॉक्टर भी बीमारी पूछकर दवाएं लिख रहे हैं। ओपीडी में रोज यही स्थिति बनती है, बावजूद इसके अस्पताल में डॉक्टरों की पोस्टिंग नहीं की जा रही है।

आयुष चिकित्सक करते हैं इलाज

सिविल अस्पताल में सिर्फ पांच एमबीबीएस डॉक्टर हैं। इनमें से यदि एक भी डॉक्टर छुट्टी पर चला जाता है तो ओपीडी में आयुष चिकित्सकों की ड्यूटी लगानी पड़ती है। आयुष की पढ़ाई करने वाले डॉक्टर मरीजों से उनकी बीमारी के बार में पूछकर एलोपैथिक दवाएं लिखते हैं। सोमवार को भी आयुष चिकित्सक वीरेंद्र प्रजापति ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहे थे। ऐसी व्यवस्था के बीच मरीजों को बेहतर इलाज देने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। कई मरीज तो सरकारी अस्पताल में इलाज कराए बिना ही चले जाते हैं।

ट्रेनिंग की जाती है

जिन आयुष चिकित्सकों की ड्यूटी ओपीडी में लगाई जाती है उन्हें सामान्य मरीजों का इलाज करने की ट्रेनिंग दी जाती है। गंभीर मरीजों को एमबीबीएस डॉक्टर ही अटेंड करते हैं।

डॉ. संजीव अग्रवाल, प्रभारी, सिविल अस्पताल, बीना

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local