सागर(नवदुनिया प्रतिनिधि)। नगर के कचहरी घाटी स्थित देव पहलवान बब्बा सिद्धधाम मंदिर में चल रहे रामकथा प्रवचन में रामायण की चौपाइयों से हवन भी किया जा रहा है। 25 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह से दोपहर तक चलने वाले धार्मिक कार्यक्रम में कोरोना महामारी से विश्व को स्वस्थ बनाए रखने हवन पूजन किया जा रहा है। इसके बाद 3 बजे से कथा प्रारंभ होती है जो शाम 6 बजे तक चलती है।

कथाव्यास पं. बृजेश महाराज ने बताया कि रामायण की प्रत्येक चौपाई एक मंत्र है। रामकथा में रविवार को शिव विवाह का रोचक प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार व्यक्ति का सर्वनाश कर देता है। देवी सती के पिता प्रजापति दक्ष को इतना अहंकार था कि उन्होंने त्रिलोक के स्वामी भगवान शंकर को भी अपने से कम समझ लिया और उनका अनादर कर दिया। इसका परिणाम ये हुआ कि शरीर का श्रेष्ठ अंग सिर, धड़ से अलग हो गया। व्यक्ति अहंकार में सिर्फ मैं-मैं करता है इसलिए भगवान ने वही मैं-मैं करने वाला बकरे का सिर दक्ष को लगाया। आज भी कलयुग में कई अभिमानी ऐसे हैं, जिनका सिर भगवान के सामने भी झुकने से कतराता है ये भी राक्षसी प्रवृति है। पहले देवकार्य में विघ्न डालने राक्षस हुआ करते थे अब महामारियां होती हैं। कोरोना भी किसी राक्षस से कम नहीं है। फिर भी हम सब मानव आवश्यक सुरक्षा साधनों से उसका सामना कर रहे हैं।धार्मिक अनुष्ठान से जल्दी ही इस वैश्विक महामारी का शमन होगा। सोमवार को भगवान के राम अवतार के विभिन्ना कारणों अर्थात किस-किस कारण से भगवान को अवतार लेना पड़ा आदि प्रसंग पर कथा सुनाई जाएगी। पंडित रामचरण शास्त्री श्री हरि महाराज और अन्य आचार्यों द्वारा हवन पूजन किया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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