सागर(नवदुनिया प्रतिनिधि)। सागर के पगारा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में पदस्थ शिक्षक मनोज नेमा का शव शहडोल में रेलवे ट्रैक पर मिला। जानकारी के मुताबिक श्री नेमा ट्रेन में सफर कर रहे थे, तभी किसी ने उनका मोबाइल चुरा लिया। वे जब चोर का पीछा कर रहे थे, तभी ट्रेन की चपेट में आ गए और मौत हो गई। जीआरपी शहडोल एएसआई जेठू सिंह के मुताबिक श्री नेमा के मौत की गुत्थी उनका मोबाइल चोर पकड़ाए जाने के बात सुलझी। जानकारी के मुताबिक 54 वर्षीय मनोज नेमा दुर्ग-अजमेर ट्रेन में भिलाई से सागर के लिए सफर कर रहे थे। जब ट्रेन शहडोल के पास पहुंच रही थी, तभी ट्रेन में सवार एक अन्य युवक ने बात करने के नाम पर मनोज का मोबाइल ले लिया। जब ट्रेन शहडोल में रुकने लगे तो वह मोबाइल लेकर भागने लगा। उसका पीछे श्री नेमा भी ट्रेन से उतरने लगे, तभी वे ट्रेन की चपेट में आ गए। इससे उनकी मौत हो गई।

इस तरह सुलझी मौत की गुत्थी

जानकारी के मुताबिक ट्रेन की चपेट में आने की घटना के बाद आरपीएफ शहडोल ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि मैंने एक मोबाइल चुराया। जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह दुर्ग-अजमेर ट्रेन से मोबाइल लेकर भाग रहा था। यह मोबाइल उसी व्यक्ति का है, जिसे ट्रेन में कटने से मौत हुई। आरोपित शहडोल जिले के बुढ़ार ब्लाक के खैरी गांव का रहना वाला है। पुलिस ने श्री नेमा का मोबाइल चोर से लिया। वह अनलाक था। जीआरपी शहडोल ने श्री नेमा का मोबाइल खोला और वाट्सग्रुप पर अंतिम मैसेज करने वाले सागर निवासी व्यक्ति से बात की। उन्होंने श्री नेमा के स्वजनों के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस ने श्री नेमा के स्वजन प्रदीप नेमा से बात की। पुलिस ने बताया कि श्री नेमा का निधन शहडोल रेलवे स्टेशन पर हुआ। बाद में स्वजन शहडोल पहुंचे जहां पीएम के बाद शव स्वजनों को सौंपा गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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