सागर(नवदुनिया प्रतिनिधि)। सूर्य उपासना और आस्था के पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर गुरुवार को श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर खिचड़ी का दान किया। संक्रांति के चलते चकराघाट के मंदिरों में दर्शनों के लिए भक्तों की कतारें लगी रही तो वहीं यहां भरे सालों पुराने मेला में लोगों ने जमकर खरीदी की। जिले भर से कई लोग बसों और निजी वाहनों से बरमान में स्नान करने पहुंचे।

मकर संक्रांति के चलते सुबह से ही चकराघाट मंदिर परिसर में पूजन व दान करने वालों की भीड़ उमड़ने लगी थी। कई लोग चकराघाट पहुंचे और शिवालयों में पूजन कर दान किया। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते यहां दिनभर मेले जैसा माहौल रहा। लोगों ने यहां खिलौने खरीदे और मेले का आनंद लिया। ज्योतिषाचार्य पं. रामगोविंद शास्त्री ने बताया कि सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं। गुरुवार को दोपहर 2ः37 बजे सूर्य देव ने राशि बदल कर मकर राशि में प्रवेश किया, जिसके साथ ही मकर संक्रांति का पर्व शुरू हो गया। कोरोना महामारी के चलते कई श्रद्धालु मास्क पहनकर मेले में पहुंचे और जरूरत का सामान खरीदा।

संक्रांति सूर्य की परिक्रमा पर आधारित पर्व

पं. शिवप्रसाद तिवारी ने बताया कि संक्रांति के इस बार सिंह पर सवार होकर आने से सुख समृद्धि में वृद्धि होगी। संक्रांति के बाद से मलमास भी समाप्त हो जाता है, जिसके बाद शुभ कार्य शुरू होंगे। हालांकि शुक्र अस्त होने के कारण विवाह-शादी जैसे मांगलिक कार्य हो सकेंगे। पंडितों के अनुसार होली, दीपावली सहित हिन्दू धर्म के सभी पर्व जहां कथा पर आधारित होते हैं, वहीं मकर संक्रांति पर्व खगोलीय घटना पर आधारित होता है। इस दिन पृथ्वी की सूर्य के परिक्रमा करने की दिशा बदलती है। ऐसी मान्यता है कि इस खास मुहूर्त में स्नान से रोग-क्लेश और दुख का हरण होता है।

बाजार में पतंग खरीदने उमड़ी भीड़

मकर संक्रांति पर लड्डू खाने के साथ ही पतंग उड़ाने की भी परंपरा है। भीतर बाजार क्षेत्र में जहां तिली सहित अन्य लड्डू खरीदने लोगों की भीड़ दिखी तो वहीं यहां स्थित पतंग दुकान में भी लोगों की कतारें लगी रही। शहर में सदर, मकरोनिया व भीतर बाजार आदि स्थानों पर गिनी चुनी दुकानें ही बची हुई हैं, जहां मकर संक्रांति पर सैकड़ों लोग पतंग खरीदने पहुंचे। कोरोना महामारी के चलते भीड़ से बचने के लिए कई लोगों ने एक दो दिन पहले ही पतंग और धागा खरीदकर रख लिया था। दोपहर बाद से आसमान में कई पतंगें उड़ती हुई नजर आई।

चकराघाट में भरा मेला, कई श्रद्धालु बसों से पहुंचे बरमान

मकर संक्रांति के दिन चकराघाट में श्रद्धालुओं का मेला भरता है, जिसके चलते यहां चाट-फुल्की, झूले व खिलौने की कई दुकानें लगी हुई थी। पूजन व दान के बाद लोगों ने अपने व अपने बच्चों के लिए जरूरत का सामान खरीदा। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ रही। बरमान जाने वाले यात्री तो बसों से निकल गए, लेकिन इलाहाबाद एवं जबलपुर के भेड़ाघाट में स्नान करने के लिए कई भक्त बुधवार से ही निकलने लगे थे। शहर से कई लोग निजी वाहनों से बरमान स्नान के लिए अपने मित्रों व रिश्तेदारों के साथ रवाना हुए और दोपहर के शुभ मुहूर्त पर लोगों ने बरमान में पहुंचकर डुबकी लगाई। इसके बाद लड्डू व अन्य पकवानों का स्वाद लिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस