सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)

जिले में समय पर दस्तक देने के बाद अब मानसून कहीं अटक गया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वर्षा न होने की वजह से बोवनी का काम भी अटका हुआ है। कई किसानों ने बोवनी कर ली है, जिन्हें चिंता सताने लगी है। किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाकर देख रहे हैं। किसानों का कहना है कि बादल तो प्रतिदिन छाते हैं, लेकिन वर्षा नहीं हो रही है। गौरतलब है कि जिले में 15 जून को महाराष्ट्र के रास्ते मानसून की दस्तक हुई थी। इसके बाद लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में तेज वर्षा का क्रम 17 जून तक जारी रहा। वर्षा के थमते ही कुछ किसानों फसलों की बोवनी कर दी थी, लेकिन छह-सात दिन बीत जाने के बाद वर्षा न होने से खेतों में बोया गया बीज अंकुरित नहीं हो रहा है। जमीन में पर्याप्त नमी न होने से किसान चिंतित हैं। किसान धनीराम गुप्ता का कहना है कि मानूसन समय पर आया था। शुरुआत में तीन दिन अच्छी वर्षा भी हुई। मौसम विज्ञानी भी अच्छी वर्षा की उम्मीद जता रहे थे, इसीलिए किसानों ने धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर की बोवनी कर दी। श्री गुप्ता का कहना है कि किसानों ने यह बीज महंगे दामों पर खरीदा। कई किसानों को तो बीज के लिए कर्ज भी उठाना पड़ा लेकिन 21 जून के बाद से मानसून अटक गया है। हालत यह है कि बर्षा न होने की वजह से धान को छोड़कर बोया गया बीज खराब हो रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। श्री गुप्ता के मुताबिक दाने को पर्याप्त नमी नहीं मिलने से वह पौधे के रूप में परिवर्तित नहीं हो पा रहा है। यदि शीघ्र वर्षा न हुई तो बहुत खराब स्थिति होगी।

ढाना के किसान मनोज शुक्ला का कहना है कि मैंने सोयाबीन की चार एकड़ रकबे में बोवनी कर दी है। बोवनी किए दो दिन बीत गए, लेकिन वर्षा नहीं हो रही। यदि शीघ्र वर्षा नहीं हुई तो दोबारा बुवाई करना पड़ सकती है। किसान सत्तू पटेल का कहना है कि एक ओर वर्षा नहीं हो रही है, वहीं जलस्रोत भी रीते पड़े हैं। इससे किसान अपने साधनों से भी सिचाई नहीं कर पा रहे हैं। कुछ किसानों के यहां जलस्रोतों में पानी है, वे अपने उन्होंने खेतों में स्प्रिंकलर से सिंचाई प्रारंभ कर दी है।

जिले में अब तक 133 मिमी औसत वर्षा दर्ज

सागर जिले में इस वर्षा सीजन में अभी तक 133.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है। जिले में स्थापित वर्षामापी केन्द्रों में आंकी गई वर्षा रिकार्ड के अनुसार एक जून से 27 जून तक खुरई केन्द्र पर सर्वाधिक 175.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष आज दिनांक तक जिले में 188 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी। जिले में 27 जून को एक दिन में 3.4 मिमी औषत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक, भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार जिले में स्थापित विभिन्ना वर्षामापी केन्द्रों में 1 जून से आज दिनांक तक सागर केन्द्र में 122.6 मिमी, जैसीनगर में 160.1 मिमी, राहतगढ में 58 मिमी, बीना में 187.8 मिमी, खुरई में 175.1 मिमी, मालथौन में 158.5 मिमी, बंडा में 102 मिमी, शाहगढ़ में 117.3 मिमी, गढ़ाकोटा में 139.6 मिमी, रहली में 102 मिमी, देवरी में 106 मिमी तथा केसली में 170.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।

तेज धूप से दिक्कत हो रही है

खुरई, बीना व मालथौन क्षेत्र में चालीस प्रतिशत तक की बोवनी हो गई है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी बोवनी हुई है, लेकिन प्रतिशत कम है। वर्तमान में वर्षा हो नहीं रही, वहीं धूप भी तेज हो रही है। इससे नुकसान की आशंका है। जिन किसानों के पास स्वयं के साधन है, उससे सिचाई करें। जिस तरह से धूप हो रही है, उससे एक-दो दिन में वर्षा होने की उम्मीद है।

जीसी यादव, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, सागर

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