बीना (नवदुनिया न्यूज)। बेलई-देहरी रोड पर बीना-झांसी रेलवे ट्रैक स्थिति रेलवे गेट क्रमांक 311-टी पर महेशा दुर्घटना की आशंका बना रहती है। इसका मुख्य कारण वाहन चालकों की लापरवाही है। सड़क से आने जाने वालों ने रेलवे गेट के बाजू से वैकल्पिक रास्ता बना लिया है। गेट बंद होने पर ही वाहन चालक गेट के बाजू से वाहन ट्रैक पार करते हैं। इस दौरान वाहन चालकों के ट्रेन की चपेट में आने की आशंका बनी रहती है। गेटमेन द्वारा बार-बार रोक टोक करने पर भी वाहन चालक असुरक्षित तरीके से गेट पार करते हैं। वाहन टालकों की इस लापरवाही से कभी भी गेट पर गंभीर हादसा हो सकता है।

बीना-झांसी रेलवे ट्रैक से दिन में प्रतिदिन दर्जनों ट्रेनें निकलती हैं। इनमें से मालगाड़ियों के साथ 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। पलक छपकते ही यह ट्रेन गेट से निकल जाती हैं। इन ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए गेट में ट्रेन आने से पहले गेट बंद कर देता है। लेकिन इस सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों ने वाहन चालकों ने गेट के बाजू से वैकल्पिक रास्ता बना लिया है। गेट बंद होने के बाद भी गेट के बाजू से वाहन चलाते हुए निकल जाते हैं। ट्रेनों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए गेटमेन को गेट बंद होने के बाद भी गेट पर खड़े रहना पड़ता है। ट्रेन आने के दौरान उन्हें वाहन चालकों हाथ से संकेत देकर रोकना पड़ता है। ट्रेन निकलने के दौरान यदि गेटमेन सावधानी न बरते तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है। बावजूद इसके रेल प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। वाहन चालकों द्वारा बनाया गया अस्थाई रास्ता बंद किया जा रहा और न ही नियम विरुद्ध तरीके से रेलवे ट्रैक पार करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है।

रेलवे एक्ट के तहत हो सकती है कार्रवाई

गेट बंद होने के बाद भी असुरक्षित तरीके से रेलवे गेट पार करने पर आरपीएफ संबंधित व्यक्ति पर रेलवे अधिनियम 147 के तहत कार्रवाई कर सकती है। इस अपराध के लिए संबंधित व्यक्ति को छह माह की जेल या एक हजार रुपये तक के अर्थदंड से दंडित किया जा सकता है। इसके बाद भी आरपीएफ ललितपुर के अंतर्गत आने वाले रेलवे गेट से असुरक्षित तरीके से निकलने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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