- एनडीआरएफ टीम ने मॉक ड्रिल कर बताई सावधानियां

सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की टीम इन दिनों जिले के दौरे पर है। टीम के सदस्य सरकारी कार्यालयों में डेमो देकर आपदा के समय क्या-क्या सावधानी बरतनी पड़ती है, इस बारे में कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। बुधवार को 11वीं बटालियन एनडीआरएफ की टीम ने एसपी ऑफिस और पुलिस कंट्रोल रूम में प्रदर्शन कर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। एनडीआरएफ टीम के निरीक्षक संजीव कुमार का कहना है हर दिन औसतन एक घंटे में देश में 53 एक्सीडेंट होते हैं। 17 लोग मारे जाते हैं, 4 सौ लोग घायल होते हैं।

दोनों कार्यालयों में प्रदर्शन के दौरान टीम के सदस्यों ने आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य में बरती जाने वाली सावधानियां बताईं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर रोड एक्सीडेंट वाहन की गति अधिक होने, संकेतों का पालन नहीं करने और नशे में वाहन चलाने से होते हैं। वाहन चलाते समय लोग यातायात के नियमों का पालन करें तो सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है। एक्सीडेंट में घायलों का मौके पर प्राथमिक उपचार कर उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाए जो घायलों की जान बच सकती है। टीम के सदस्यों ने रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। वाहन में फंसे घायलों या बाढ़ में फंसे लोगों को कैसे निकाला जाता है, उनका प्राथमिक उपचार कैसे किया जाता है इस बारे में भी विस्तार से बताया।

एसपी अमित सांघी ने कहा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन देश की महत्वपूर्ण इकाई है। प्राकृतिक आपदा हो या हादसे के समय, यह पुलिस के कंधे से कंधा मिलाकर लोगों की जान बचाती है। एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन का गठन इसी उद्देश्य को लेकर किया गया है। एएसपी विक्रम सिंह ने कहा लोग यदि सावधानी एवं यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएं तो सड़क हादसों को कम से कम किया जा सकता है।

टीम के सदस्यों ने रोड एक्सीडेंट के मूक अभ्यास के जरिए प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर पुलिस कर्मचारियों को घायलों की मदद तथा प्राथमिक उपचार करने के उपाय बताए। घायलों को अस्पताल ले जाने का अभ्यास कराया। टीम में निरीक्षक संजीव कुमार के अलावा उप निरीक्षक प्रेमलाल, एएसआई ठाकुर चंद, प्रधान आरक्षक जीशान उल्लाह, आरक्षक उमेश कुमार, नीरज कुमार, प्रमोद कुमार मीणा, पवन सोमवीर, विकास आदि शामिल थे।

फोटो नंबर 4012 एसए 18 सागर। एनडीआरएफ टीम के सदस्यों ने पुलिस कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया।

फोटो नंबर 4012 एसए 25 सागर। टीम के सदस्यों ने राहत एवं बचाव कार्य के बारे में भी विस्तार से बताया।

Posted By: Nai Dunia News Network