सागर(नवदुनिया प्रतिनिधि)। देशभर में सभी जैन साधु संतों के वर्षा योग चातुर्मास 12 जुलाई से प्रारंभ हो रहे हैं। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का वर्षायोग चातुर्मास प्रसिद्ध जैन तीर्थ क्षेत्र अंतरिक्ष पारसनाथ शिरपुर जिला वाशिम महाराष्ट्र में हो रहा है वहां पर कलश स्थापना समारोह आगामी 17 जुलाई को दोपहर एक बजे से होगा।

मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि आचार्य संघ का वहां पर प्रवेश 10 जुलाई की शाम या 11 जुलाई को सुबह संभावित है। लगभग 575 किलोमीटर का विहार कर आचार्य संघ पहुंच रहा है महाराष्ट्र में गुरुदेव का चातुर्मास होने से कर्नाटक राज्य के समाज के लोगों को धर्म लाभ मिलेगा। मुनि श्री समयसागर महाराज बंडा में, मुनि श्री योगसागर महाराज नागपुर में मुनिश्री सुधासागर महाराज ललितपुर में, मुनि श्री समतासागर महाराज बेगमगंज, मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज शिखरजी झारखंड, मुनि श्री अभयसागर महाराज मडावरा, मुनिश्री अजितसागर महाराज जैन तीर्थक्षेत्र टिकटोली मुरैना, मुनिश्री संभवसागर महाराज बीना, मुनि श्री प्रणम्यसागर महाराज पनागर, मुनि श्री वीरसागर महाराज शहपुरा भिटोनी, मुनि श्री विशदसागर महाराज राहतगढ़, मुनि श्री विनम्र सागर खजुराहो, मुनिश्री दुर्लभसागर महाराज बावन गजा बड़वानी, मुनिश्री निर्दोषसागर महाराज गंजबासौदा, मुनि श्री निस्पृहसागर देवेंद्र नगर पन्नाा में वर्षायोग आचार्य श्री के आशीर्वाद से तय हो गए हैं। सागर में आर्यिका दृढ़मति माताजी का वर्षा योग उदासीन आश्रम काकागंज में हो रहा है, जहां पर कलश स्थापना 14 जुलाई को दोपहर में होगी। मुनिश्री निस्पृह सागर महाराज का कलश स्थापना समारोह पन्नाा जिले के देवेंद्र नगर में 12 जुलाई को दोपहर में होगा। विनम्रसागर महाराज का खजुराहो में वर्षायोग चातुर्मास हो रहा है। कलश स्थापना समारोह 24 जुलाई को होगी। आर्यिका पूर्णमति माताजी का वर्षायोग कलश स्थापना समारोह छत्रपति नगर इंदौर में 17 जुलाई को होगा।

जैन तीर्थ नैनागिरि में ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव

तहसील अंतर्गत सुविख्यात जैन तीर्थ नैनागिरि (रेशंदीगिरि) में अष्टान्हिका महापर्व के अवसर पर अष्ट दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव गुरुवार को ध्वजारोहण के साथ शुरू हो गया।

जैन तीर्थ नैनागिरि के उप मंत्री राजेश रागी एवं संयुक्त मंत्री देवेंद्र लुहारी ने बताया कि वरदत्तादि पंच ऋषिराजों की निर्वाण भूमि एवं 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ स्वामी की समवसरण व उनकी दिव्य देशना से गुंजित दि.जैन सिध्दक्षेत्र नैनागिरि की पावन पवित्र भूमि पर सिद्धों की आराधना के लिए सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव दिनांक 7 से 14 जुलाई 2022 तक विभिन्ना कार्यक्रमों के साथ किया जा रहा है, जिसका पं.उदयचंद्र शास्त्री सागर द्वारा विधिविधान से कराया जा रहा है। इस महोत्सव को आयोजित कराने नेमचंद पुष्पा जैन को पुण्यार्जन के साथ ही उन्हें सौधर्म इन्द्र का पात्र बनने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस महोत्सव का शुभारंभ हेमचंद शीला जैन हटा परिवार ने ध्वजारोहण कर किया है, जिनके साथ ही सौधर्मेंद्र बने नेमचंद पुष्पा जैन, महायज्ञनायक सुभाष मीना,श्रीपाल मैनासुंदरी का पात्र बने देवेन्द्र लुहारी सुगंधी, कुबेर राकेश अनीता, ईशान हुकम सविता, सानतकुमार संतोष,माहेंद्र इन्द्र प्रमोद रचना, भरत चक्रवर्ती रोहित नवनी, बाहुबली का पात्र मयंक प्रतिभा टीकमगढ़ आदि सभी पात्रों ने अपनी सहभागिता निभाई। जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी नैनागिरि ने सभी से अपील की है कि इस अवसर पधार कर धर्म लाभ प्रात करें।

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