वीरू ठाकुर। सागर/राहतगढ़ (नवदुनिया न्यूज)।

40 फीट की ऊंचाई से गिरती जलधारा, इठलाती बहती नदी और आसपास के जंगली क्षेत्र को मप्र का पर्यटन विभाग अब विकसित कर रहा है। यहां व्यू प्वाइंट, सेल्फी प्वाइंट, पार्क, किड्स प्ले एरिया, कैंटीन आकार लेने लगे हैं। सुरक्षा के लिए डेढ़ मीटर ऊंची रैलिंग लगाई जा रही है। जिससे हादसों में भी कमी आएगी।

क्षेत्रीय विधायक, राजस्व व परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल पर मप्र पर्यटन विभाग राहतगढ़ वाटरफाल और आसपास के क्षेत्र का सुंदरीकरण कार्य करा रहा है। लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से होने वाला कार्य प्रगति पर है। वाटरफाल क्षेत्र में सबसे पहले सेफ्टी फीचर्स का ध्यान रखते हुए रैलिंग लगाई गई है। रैलिंग की ऊंचाई डेढ़ मीटर के आसपास है। वाटरफाल के ठीक सामने व्यू प्वाइंट बनाए गए हैं। जगह-जगह सिटिंग चेयर, पारपंरिक लुक देने के लिए बांस की झोपड़ी बनाई जा रही हैं। आसपास की पहाड़ियों तक चढ़ने सीढ़ियां बन रही हैं।

सुंदरीकरण के बाद बढ़ेगा पर्यटन

वाटरफाल क्षेत्र में हुए हादसों के कारण यहां पर्यटकों का आवागमन बेहद कम था। सुरक्षा के उपायों पर सबसे पहले पर्यटन विभाग ने फोकस किया और वाटर फाल से लेकर निचले लेवल तक रैलिंग लगाई गई। आवश्यकतानुसार सेफ्टी रैलिंग की ऊंचाई बढ़ाई गई। सुंदरीकरण होने के कारण पर्यटन बढ़ेगा और यहां के लोगों की आमदनी में वृद्धि होगी।

विभागों के समन्वय में लगा समय

वाटरफाल जिस क्षेत्र में है वह वनभूमि है। इसलिए पर्यटन विभाग के साथ वन विभाग का समय जरूरी था। तमाम अनुमतियों के बाद कार्य शुरू करने में समय लगा। विकास का प्रस्ताव मिलने के बाद पर्यटन विभाग ने आर्किटेक्ट मयूरी सक्सेना से डिजाइन तैयार कराई। पर्यटन विभाग ने वित्तीय स्वीकृति लेने के बाद काम शुरू किया।

- बारिश के पहले कार्य पूर्ण करने का लक्ष्‌य

वाटरफाल क्षेत्र में कार्य लगातार जारी है। दृश्य बदल गया है। लगभग डेढ़ करोड़ से कार्य हो रहे हैं। सुंदरीकरण के बाद पर्यटन निश्चित ही बढ़ेगा। हमारी कोशिश है कि बारिश के पहले काम पूरा हो जाए।

पवन धाकड़, सब इंजीनियर एमपी टूरिज्म, भोपाल

Posted By: Nai Dunia News Network

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