क्रीमियन कांगो हेमरेजिक फीवर को लेकर जताया गया खतरा, स्वास्थ्य विभाग में अघोषित अलर्ट

- पाकिस्तान से सटे राजस्थान, गुजरात में इस हफ्ते जारी हो चुका है अलर्ट, प्रदेश में भी एहतियात रखने के निर्देश।

सागर। नवदुनिया प्रतिनिध

पाकिस्तान में क्रीमियन कांगो हेमरेजिक बुखार व वायरस के अटैक के बाद अब गुजरात, राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों को विशेष अलर्ट पर रखा गया है। इतना ही नहीं मप्र में भी कांगो फीवर के वायरस के खतरे को भांपते हुए स्वास्थ्य विभाग को अघोषित रुप से अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कांगो वायरस बहुत ही घातक होता है। समय पर इलाज न मिलने के चलते पीड़ित मरीज की मौत भी हो जाती है। देश में साल 2011 में कांगो बुखार का पहला मरीज मिला था, उसके बाद अब फिर से वायरस को लेकर खतरा जताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सागर सहित प्रदेशभर में विशेष अहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य संचालनालय के डायरेक्टर मोहन सिंह ने बीते रोज प्रदेश के सभी सीएमएचओ व सिविल सर्जन को पत्र भेजकर अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

मप्र लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेश के सीमावर्ती जिलों सहित सभी जिलों में कांगो वायरस को लेकर गाइड लाइन सहित सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। कांगो वायरस पालतू जानवरों के शरीर पर रहने वाली परजीवी चिचड़ी (पिस्सू) के संपर्क में रहता है। हालांकि प्रदेश में अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। फिर भी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में लक्षणों के आधार पर नजर रखने और इलाज के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को भी अलर्ट दिया गया है। हालांकि राजस्थान में कांगो फीवर से अब तक दो मरीजों की मौत हो चुकी है। जिसके बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हुआ है।

कांगो वायरस के यह हैं लक्षणः

जानकारों के अनुसार क्रीमियन कांगो हेमरेजिक फीवर काफी घातक होता है। वायरस की चपेट में आने के बाद मरीज को 13 दिन के अंदर लक्षण दिखते हैं। इसमें अचानक बुखार, तेज सिरदर्द, चक्कर आना, पीठ व जोड़ों में दर्द, आंख में सूजन, गर्दन में दर्द, उल्टी, गले में खराश और शरीर में अकड़न जैसे सामान्य लक्षण हैं। वायरस का प्रकोप होने के बाद मरीज को शरीर में ब्लीडिंग भी शुरू हो जाती है। यह गाय, भैंस, बकरी, भेड़ आदि जानवरों के शरीर पर रहने वाले हीमोरल परजीवी से फैलती है। जानकारों के अनुसार दुनिया में सबसे पहले 1944 में सोवियत रूस के क्रीमिया प्रांत में सबसे पहला मामला सामने आया था। 1989 में अफ्रीकी देश के कांगो इलाके में मामला मिला था। भारत में 2011 में गुजरात व केरल में कांगो फीवर के मामले सामने आए थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket