- विद्यासागरजी महाराज के जन्मोत्सव पर हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन

सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में रविवार को संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागरजी महाराज के जन्मोत्सव पर म्युनिस्पिल स्कूल के सामने रंगारंग कार्यक्रम व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा एक शाम राष्ट्र के नाम की थीम पर अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देश के नामचीन

कवियों ने काव्य पाठ किया और राष्ट्र के नाम संदेश दिया। राजगढ़ के युवा वीर रस के कवि फैजान हिंदुस्तानी ने कविता के माध्यम से कहा कि... कह डाला इमरान ने अब, भारत से ना टकराएंगे, गर भारत से टकराए तो सीधे मुंह की खाएंगे। भारत से टकराने वाला, जीवन भर को रोता है.. पाक पीएम भी मान गया कि बाप बाप ही होता है।

टिमरनी से आए देश के बड़े हास्य कवि मुकेश शाण्डिल्य ने श्रोताओं को जम कर हंसाते हुए कहा कि संबंधों को यार निभाना पड़ता है, बीबी के भी पांव दबाना पड़ता है। प्यार के पागल को तुम क्या जानो, बीच सड़क पर जूते खाना पड़ता है। लखनऊ से प्रसिद्ध ओज कवियत्री प्रियंका राय ओमनंदिनी ने अपनी कविताओं से श्रोताओ में जोश भरते हुए कहा कि मैं भारत को आन,बान,सम्मान की खातिर जीती हूं, मुरझाए चेहरों पर मैं मुस्कान की खातिर जीती हूं, जीते होंगे लोग यहां धन,दौलत,शोहरत की खातिर, सच कहती हूं मैं तो हिंदुस्तान की खातिर जीती हूं। अनिल जैन नैंनधरा ने बताया कि इसके बाद ललितपुर से आए वीर रस के प्रसिद्ध कवि पंकज अंगार, रतलाम से प्रसिद्ध गीतकार डॉ अंशुल आरध्यम, टीम के संयोजक नगर के युवा कवि अखिल जैन, हास्य कवि दीपक शुक्ला दनादन ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।

सुबह से हुए भजन-कीर्तन व पूजन

सुबह से सुबह से विद्यागुरुवर का पूजन किया गया जिसमें कई स्थानों से जैन समाज व महिला मंडलों द्वारा द्रव्य सजाओ प्रतियोगिता के तहत सुंदर सुशोभित दृव्य लाया गया और गुरुदेव विद्यासागर जी महाराज का पूजन किया गया। इसके बाद नगर में विराजमान पूज्य आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के शिष्य पूज्य मुनि श्री ने शिवदत्त सागर जी महाराज एवं ऐलक श्री सुदत्तसागर जी महाराज ने आचार्य भगवन की महिमा का गुणगान करते हुए मंगल प्रवचन दिए। शरद पूर्णिमा की उज्जवल धवल सायं कालीन बेला में आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज की महाआरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद सभी समाज के वरिष्ठ समाजसेवियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के संयोजक अनिल नैनधरा ने बताया शरद पूर्णिमा के मंगल आयोजन में समाज के वरिष्ठ समाजसेवियों का भी सहयोग रहा, जिसमें महेश बिलहरा, देवेंद्र जैना, सुनील जैन पूर्व विधायक, मुकेश जैन, आनंद अजीत, आनंद स्टील, प्रदीप रान्धेलिया, ऋषभ बांदरी, सुरेंद्र, प्रेमचंद उपकार, सुनील जैन, चक्रेश सिंघई, राजेश जैन, मनीष नायक आदि का सहयोग रहा।

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फोटो 1410 एसए 26 सागर। कार्यक्रम में अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देते हुए कवि।

फोटो 1410 एसए 27 सागर। कवि सम्मेलन में देर रात तक जैन समाज के लोग मौजूद थे।

Posted By: Nai Dunia News Network