- कृषि विभाग की ओर से मक्का उपज क्षेत्र के किसानों को दिए सुझाव

सागर। नवदुनिया न्यूज

जिले में मक्का का रकबा भले ही कम हो लेकिन इस फसल का शत्रु (फॉल आर्मी वर्म) अत्याधिक सक्रिय है। इसके चलते कृषि वैज्ञानिकों ने पूरे प्रदेश में इस कीट से फसल को सुरक्षित रखने के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कृषि विभाग ने भी किसानों को इस कीट के विषय में जानकारी के साथ बचाव की बात को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

कृषि वैज्ञानिक लगातार किसानों को इसके विषय में समझाइश दे रहे हैं। वैज्ञानिक बताते हैं कि फॉल आर्मी वर्म का वैज्ञानिक नाम स्पोडोप्टर्स फ्यूजीपरडा है। जो बहुभक्षी कीट है, जो 80 से अधिक प्रकार की फसलों को नुकसान करता है। मक्का सबसे पसंदीदा फसल है। इसका पतंगा एक रात में करीब 10 किमी चलता है। वहीं मादा अपने जीवनकाल में करीब 1 हजार तक अंडे दे सकती है। राज्य में इस कीट का प्रकोप निमाड़ में दिख रहा है। वहीं भोपाल के कृषि अधिकारी व वैज्ञानिकों ने इस कीट को लेकर पूरे मध्यप्रदेश में अलर्ट जारी करते हुए खासकर मक्का उपज क्षेत्र के किसानों को मक्का सहित अन्य फसलों को सुरक्षति करने की सलाह दी जा रही है।

बचाव के उपाय जरूरी हैं

उपसंचालक कृषि एके नेमा ने बताया कि मक्का की फसलों को किसी भी दलनी फसल के साथ उगाना चाहिए। साथ ही समय पर बुआई करते समय बीज उपचार, खेत उपचार जरूरी होता है। बीज को इमिजाक्लोप्रिड 600 एफएस से उपचारित करें। वह बताते हैं कि कीट मक्का क्षेत्र में सक्रिय होने की जानकारी आ रही है। जिले में मक्का की बुआई लगभग 11 हजार हेक्टेयर में होती है। ऐसी स्थिति में इस कीट का प्रकोप इस क्षेत्र में होने की संभावना ज्यादा नहीं है, लेकिन यदि इस कीट को यदि मक्का फसल नहीं मिली तो दूसरी फसलों पर भी अटैक कर सकता है। इसलिए जिस भी फसल की बुआई करें उसका बीज उपचार ठीक तरीके से करें। वहीं यदि कोई नया कीट दिखता है या बुआई में परेशानी होती है तो कृषि अधिकारी व कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें।

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फाइल फोटो- 1307एसए 17 सागर। कृषि विभाग कार्यालय, सागर