ेज-2 की फ्लायर

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- किसान से 5 रुपये किलो खरीदी जाने वाली भिंडी घर तक आते-आते 20 हो जाती है

- यही हाल लौकी, पालक और भटा का भी है, बिचौलियों को मिल रहा मुनाफा

संजय पांडे, सागर

बरसात का सीजन शुरू होते ही सब्जियों के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं। जिले में टमाटर व आलू की आवक बाहर से हो रही है। कुछ सब्जियों की आवक जिले से है, लेकिन इनके दाम भी बढ़े हुए हैं। कुम्हड़ा, लौकी, पालक, भिंडी, धनिया, गिलकी सहित अन्य हरी सब्जियां ऐसी हैं, जिनकी आवक स्थानीय स्तर से है, लेकिन किसान जिस भाव से इसे बाजार में बेचते हैं, वह सब्जी हाथ ठेले के माध्यम से घर आते-आते दो गुने से ढाई गुने दाम पर पहुंच जाती है। किसानों का कहना है कि थोक व्यापारी औने-पौने दाम पर ही हमसे सब्जियां खरीदते हैं। थोक व्यापारी से होकर हाथ ठेलों तक पहुंचते-पहुंचते इसके दाम आसमान तक पहुंच जाते हैं।

स्थानीय बाजार से आ रही सब्जी

वर्तमान में स्थानीय स्तर से भटा, ककड़ी, गिलकी, लौकी, कुमड़ा पालक, भिंडी, धनिया, बरबटी की आवक हो रही है, इसीलिए इन सब्जियों के दाम बाहर से आने वाले सब्जियों के मुकाबले कम हैं। वहीं टमाटर, आलू, परमल, करेला, शिमला मिर्च, कंदुरू आदि बाहर से आ रही है।

इस तरह बढ़ते हैं भाव

सब्जी - किसान - थोक व्यापारी - हाथ ठेला या फुटकर व्यापारी

भिंडी - 5 -7 - 15 से 20 रुपये

पालक - 5 से 6 रुपये - 12 रुपये - 20 रुपये

लौकी - 5 से 7 रुपये -12 रुपये -20 रुपये

भटा -10 से 12 रुपये 15 रुपये - 20 रुपये

धनिया -30 से 40 रुपये -50 रुपये - 100 रुपये तक

बरबटी - 10 से 12 रुपये -20 रुपये -30 रुपये

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यह सब्जी आ रही बाहर से

सब्जी -थोक बाजार -फुटकर बाजार

टमाटर -30 से 35 रुपये - 60 रुपये

आलू -21 से 22 रुपये - 30 रुपये

परमल - 40 - 60 रुपये

शिमला मिर्च - 50 से 55 रुपये -80 रुपये

करेला -20 रुपये -30 रुपये

कुंदरू - 30 रुपये -40 रुपये

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जामुन पर ले रहे तीन गुना फायदा

आषाढ़ की शुरुआत से ही जामुन की आवक अच्छी हो चुकी है। स्थानीय स्तर से जामुन की आवक हो रही है। किसान बाजार में जामुन 20 से 25 रुपये किग्रा तक बेचते हैं। यही जामुन फुटकर दुकानदारों के माध्यम से घर आते-आते तीन गुने भाव की हो जाती है। जामुन 80 रुपये प्रति किग्रा के हिसाब से बिक रही है।

लॉकडाउन से परेशान हैं

लॉकडाउन के बाद से सब्जी उगाने वाले किसान परेशान हैं। करीब तीन महीने बाद लॉकडाउन से राहत मिली तो सब्जी की उपज ही कम हो गई। वर्तमान में जिले में टमाटर व आलू की आवक नाममात्र की है। पूरा बाजार बैंगलुरू के टमाटर व आगरा के आलू पर आश्रित है। इसीलिए इनके दाम बढ़ गए हैं, जब तक जिले में टमाटर की आवक हुई तब तक हमें टमाटर के जहां दो से तीन रुपये किग्रा मिले। यही हाल आलू का है।

-रोहित पटेल, किसान, सेमरा गोपालमन

बाहर से आ रही सब्जी

फुटकर व थोक खरीदने में बहुत अंतर होता है। हम किसानों से थोक में खरीदकर फुटकर विक्रेताओं को बेचते हैं। इसमें समिति लाभ लेते हैं। इसके बाद फुटकर दुकानदार अपना फायदा निकालकर इससे मुनाफा कमाते हैं। वर्तमान में अधिकतर सब्जी बाहर से आ रही है। भाड़े में भी बहुत खर्च होता है, इसीलिए सब्जियों के दाम में उछाल है।

हुकुम पटेल, थोक व्यापारी, सागर

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फोटो- 0607एसए 06 सागर। फुटकर सब्जी विक्रेता टमाटर 60 रुपये तो शिमला मिर्च 80 रुपये किलो तक बेच रहे हैं।

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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