चौकियों में परेशानी के बीच रह रहे जवान, रहने तक की नहीं है व्यवस्था

किसी ने चौकी में ही डाला डेरा तो कोई अन्य सरकारी भवन में रहने को मजबूर

सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सागर जिले की पुलिस चौकियों में पुलिस के जवान परेशानी के बीच काम कर रहे हैं। हालत यह है कि चौकियों में पुलिस का अमला बहुत कम है। पुलिसकर्मियों को रहने के लिए भी शासकीय आवास नहीं बने हैं। ऐसे में कुछ जवान चौकी में बने अतिरिक्त कक्षों में ही डेरा जमाए हैं तो कई जहां-तहां व्यवस्था किए हुए हैं। यही स्थिति रहली थाने के बलेह पुलिस चौकी की है। यहां चौकी प्रभारी, प्रधान आरक्षक सहित पांच आरक्षक तैनात हैं। इन पर करीब 42 गांवों का भार है। दमोह जिले की सीमा लगने की वजह से इन पर अधिक काम का दायित्व रहता है। पुलिस चौकी में भी पूरी तरह बाउंड्रीवाल नहीं है। चौकी के पीछे से हिस्सा खुला हुआ है।

बलेह चौकी में पदस्थ एक-दो आरक्षक तो चौकी में ही बने अतिरिक्त कक्ष को आवास बनाए हुए हैं। पुलिस चौकी में ही यह जवान ड्यूटी करते हैं। वहीं चौकी परिसर में ही बने कमरों में आराम करते हैं। प्रधान आरक्षक यहां परिवार सहित रहते हैं। सरकारी आवास न होने की वजह से उन्होंने यहां शहीदों के नाम पर बनाए गए स्टेडियम के जिम कक्ष में डेरा डाला हुआ है। प्रधान आरक्षक का पूरा परिवार इस कक्ष में रहता है। बाजू में स्टेडियम होने से यहां आए दिन असामाजिक तत्व डेरा डाले रहते हैं। हालांकि गांववालों का कहना है कि जिम कक्ष में प्रधान आरक्षक के रहने से स्टेडियम की सुरक्षा भी होती रहती है। यदि वे यहां न रहते तो गांव के कई असामाजिक तत्व पूरे स्टेडियम को क्षतिग्रस्त कर देते।

बरा चौकी में एक कमरे में रहते हैं सात-आठ

बंडा पुलिस थाने के बरा पुलिस चौकी की बात करें तो यहां भी पुलिसकर्मियों को रहने के लिए किसी तरह की सुविधा नहीं है। एक चौकी प्रभारी तो किराए के भवन में रहते हैं, बाकी पदस्थ अमला चौकी के पास ही एक कमरे में साथ रहता है। सागर, दमोह व छतरपुर जिले की सीमा स्थित बरा चौकी के तहत 29 गांव आते हैं, लेकिन यहां केवल 9 कर्मचारी ही पदस्थ हैं। जिले का यह क्षेत्र कभी डकैत क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। बिलहरा, ढाना सहित अन्य पुलिस चौकियों का भी यही हाल है।

जहां आवास की सुविधा नहीं वहां किराया दिया जाता है

पुलिसकर्मियों को आवास मिले, इसके लिए पुलिस हाउसिंग द्वारा काम किया जाता है। इसके लिए समय-समय पर प्रस्ताव भेजे जाते हैं। चौकियों में यदि पुलिसकर्मियों के पास आवास की सुविधा नहीं है तो उन्हें किराया उपलब्ध कराया जाता है।

-अनुराग पांडेय, एसडीओपी, रहली

1008 एसए 03 सागर। बलेह चौकी के प्रधान आरक्षक का आवास स्टेडियम के जिम वाले कक्ष में है। जहां एक कमरे में पूरी गृहस्थी रखी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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