जैसीनगर (नवदुनिया न्यूज)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नगर में विविध आयोजन हुआ। गोवर्धन टोरिया स्थित मंदिर में पूजन हुआ और नगर में रैली निकाली गई। एक निजी स्कूल में कृष्ण सज्जा प्रतियोगिता रखी गई। जिसमें छोटे-छोटे बच्चे कृष्ण रूप में स्कूल पहुंचे।

यादव महासभा द्वारा गोवर्धन टोरिया स्थित गोवर्धन मंदिर में पूजा अर्चना की गई। इसके बाद एक वाहन रैली का आयोजन किया गया। यह वाहन रैली नगर के प्रमुख मार्गो से होकर गुजरी। इस दौरान नगरवासियों ने रैली का जगह-जगह स्वागत किया। रैली बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रैली का समापन गोवर्धन मंदिर में किया गया किया गया। इधर एक निजी स्कूल में कृष्ण सजाओ एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राजेश श्रीवास्तव द्वारा कृष्णा रूप में सज कर आए बच्चों का पूजन किया गया। तत्पश्चात बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए। मटकी फोड़ प्रतियोगिता में मयंक पटेल, रामानुज चौरसिया के द्वारा मटकी फोड़ी गई।

देर रात मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव

गोवर्धन टोरिया स्थित गोवर्धन मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के जन्म उत्सव की तैयारियां बड़े जोर शोर के साथ दिन भर चलीं। आधी रात को भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे और भगवान गोवर्धन की पूजा अर्चना की। इस मंदिर में भगवान गोवर्धन अपनी उंगली पर पर्वत उठाए हुए विराजमान हैं। दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन टोरिया पर विशाल गोवर्धन मेले का आयोजन भी किया जाता है। जिसमें बड़ी संख्या में मोनिया भगवान गोवर्धन के दर्शन करने को आते हैं।

कृष्ण जन्माष्ठमी पर सैरा नृत्य में उमड़ी भीड़

बीना (नवदुनिया न्यूज)। कृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को ग्राम धनोरा में लोक नृत्य सैरा का आयोजन किया गया। इसमें धनोरा सहित आसपास के गांव से बड़ी संख्या में लोग नृत्य में शामिल हुए। सैरा के साथ-साथ बुंदेली राई नृत्य करने वाली नृत्यांगनाओं ने पुरुषों के साथ सैरा नृत्य किया। दोपहर 12 बजे से शुरू हुए सैरा नृत्य देर शाम चल तलता रहा। इसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

स्थानीय बुजुर्ग व्यक्ति भीकम सिंह ने बताया कि सैरा लोक नृत्य है। पहले सावन के महीने में बड़े धूमधाम से सैरा नृत्य किया जाता था। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल होते थे। लेकिन धीरे-धीरे यह सैरा नृत्य की परम्परा खत्म होती जा रही है। धनोरा एक मात्र ऐसा गांव हैं जहां पर आज भी कृष्ण जन्माष्ठमी पर सैरा नृत्य किया जाता है। इसमें पुरुष हाथों में डांडिया लेकर ढ़पला, नगड़िया की धुन पर बुंदेली राग गाते हुए नृत्य करते हैं। काफी हद तक यह डांडिया नृत्य है। सैरा नृत्य की खास बात यह है कि इसमें पुरुषों के साथ राई नृत्य करने वाली नृत्यांगनाएं शामिल होती हैं। वह परम्परागत वेश-भूषा में नृत्य करती हैं। परम्परा के अनुसार शुक्रवार को धनोरा में आयोजित हुए सैरा नृत्य में सुबह से शाम तक सैरा नृत्य प्रेमी नाचते रहे। इनमें 60 साल के बुजुुर्ग से लेकर युवा भी शामिल हुए। सैरा नृत्य देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में आसपास के गांव के लोग पहुंचे।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close