सागर। वृन्दावन धाम से पधारे परमपूज्य गौवत्स संत दीपक भाई जोशी जी के मुखारविन्द से दीपक मेमोरियल स्कूल में दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक भागवत ककथा का वाचन किया जा रहा है। आयोजन के तीसरे दिन उन्होंने भागवत् कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया कि हरि शरण में जाने का रास्ता भगवान से आग्रह नहीं अनुग्रह करके ही है। इसी से हरि शरण प्राप्त हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि अनुग्रह क्या है। अनुग्रह का अर्थ है भगवान को प्रेम के माध्यम से ही पाया जा सकता है। व्यास जी ने कलयुग के चार चरण बताते हुये वामन अवतार, नृसिंह अवतार को दर्षाया। वामन अवतार के रूप में विद्यालय के अनंत प्रधान और नृसिंह अवतार कपिल रावत ने अभिनय किया। उसके साथ ही कुन्ति स्तुति, सृष्टि प्रकरण, कपिल देवआहूति, पारिक्षित जन्म संवाद, सती चरित्र और ध्रुव चरित्र आदि का भी वर्णन किया। शाम 5 बजे कथा विश्राम भगवान श्री कृष्ण जी की आरती के साथ हुआ। अंत में प्रसाद वितरण हुआ। इस मौके पर मुख्य यजमान ब्रज जायसवाल, रितु जायसवाल सहित जायसवाल परिवार एवं शहर के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

फोटो- 0412एसए 44 सागर। गौवत्स संत दीपक भाई जोशी

फोटो- 0412एसए 43 सागर। भागवत् कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालु

Posted By: Nai Dunia News Network