सतना। सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के निर्णय के विरोध में दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद किया। शहर में दलित समुदाय के लोगों ने हाथों में झंडा व डंडा लेकर जिले व शहर की सड़कों पर जमकर प्रदर्शन किया। दलित संगठनों के लोग सुबह 10 बजे सेमरिया चौराहे से जुलूस की शक्ल में निकले। इस दौरान उन लोगों ने रास्तेभर प्रदर्शन व नारेबाजी की और पन्नालाल चौक पहुंचते ही जबरन दुकानों को बंद कराने लगे।

इसका व्यापारियों ने खुला विरोध किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और व्यापारियों के बीच झड़प व मारपीट हुई।

व्यापारियों ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसके बाद व्यापारियों ने कोतवाली थाने का घेराव किया। वहीं अमरपाटन में प्रदर्शनकारियों ने एनएच जाम कर दिया जिससे 5 किमी लंबा जाम लग गया। सर्किट हाउस में किया प्रदर्शन अलग-अलग टुकड़ियों में बंटे प्रदर्शनकारियों ने शहर के अलग-अलग जगहों पर रैली निकालकर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए।

कुछ प्रदर्शनकारी स्टेशन रोड में प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए तो कुछ सिविल लाइन से रैली निकालते हुए ओवरब्रिज होते हुए सर्किट हाउस चौराहे पर पहुंचे। जहां पर सैकड़ों की संख्या में महिलाएं-पुरुष व युवक-युवतियां सर्किट हाउस चौराहे पर ही बैठ गए और जमकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें किसी तरह शांत कराया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी रीवा रोड़ होते हुए सेमरिया चौराहे पर पहुंचे जहां पर सभा के बाद प्रदर्शन को समाप्त कर दिया।

गश खाकर गिरी महिला अफवाह फैली पुलिस ने पीटा-

दलित संगठनों द्वारा किये जा रहे आंदोलन प्रदर्शन के दौरान सेमरिया चौराहे में एक महिला गश खाकर गिर गई। महिला की बेहोशी को भुनाने के लिए दलित संगठन के लोगों ने अफवाह फैलाई कि पुलिस की पिटाई से महिला बेहोश हुई है। लेकिन उनकी इस बात की हवा तब निकल गई जब आंख खुलने के बाद उस महिला ने यह कहा कि उसे चक्कर आया था।

कोतवाली में धरने पर व्यापारी दलित संगठनों द्वारा जबरन दुकानें बंद कराने से नाराज व्यापारी सिटी कोतवाली पहुंच गए और कोतवाली के मेन गेट के बाहर धरने पर बैठ गये। चेंबर अध्यक्ष विवेक अग्रवाल भी व्यापारियों का समर्थन करते उनके साथ बैठ गए। व्यापारी मांग करने लगे कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। व्यापारियों का कहना था कि अनावश्यक रूप से कानून व्यवस्था हाथों में लेकर शहर का अमन चैन बिगाड़ने का प्रयास किया गया है। इसका हम खुलकर विरोध करते हैं।

व्यापारियों ने कलेक्टर, एसडीएम को दिखाए चोट के निशान सिटी कोतवाली के घेराव की सूचना मिलने पर कलेक्टर मुकेश कुमार शुक्ला व एसडीएम बलवीर रमन ने थाना पहुंचकर धरना पर बैठे पन्नालाल चौक के व्यापारियों की बात सुनी। व्यापारियों ने बंद समर्थकों द्वारा लाठियों से की गयी मारपीट की जानकारी कलेक्टरएसडीएम को दी साथ ही चोटें दिखाईं। डीएम व एसडीएम द्वारा व्यापारियों को समझाइश देने के साथ ज्ञापन लिया गया। अधिकारियों ने मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

एसपी ने संभाला मोर्चा-

शहर में हालात बिगड़ने से पहले ही एसपी ने तीनों थानों की पुलिस बल के साथ मोर्चा संभालने सड़क पर उतर गये। एसपी राजेश हिंगणकर ने सिविल लाइन से लेकर सेमरिया चौराहे तक पैदल मार्च कर हालात को काबू किये रहा। इस दौरान एसपी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाइश देने में लगे रहे और आखिरकार उन लोगों ने एसपी की बात मान ली और सेमरिया चौराहे स्थित टाउनहाल मैदान पहुंचकर प्रदर्शन को समाप्त कर दिया।