सतना, नईदुनिया प्रतिनिधि। रीवा से चलकर भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन जाने वाली रेवांचल एक्सप्रेस एक अग्नि हादसे का शिकार होने से बच गई। सतना के मैहर रेलवे स्टेशन से रवाना होकर ट्रेन सीधे कटनी रेलवे स्टेशन में खड़ी होने वाली थी लेकिन बीच में ही उसके प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच में धुंआ भरने से यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। घटना बीती रात 10 बजे की है। जिसके बाद यात्री और कोच अटेंडेंट ने देखा तो ट्रेन के पहियों से चिंगारी निकल रही थी और तेज धुंआ उठ रहा था। जिसकी सूचना गार्ड और ड्राइवर को दी गई। इस दौरान झुकेही स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन को रोका गया तो कोच के अंदर से यात्री बाहर कूदने लगे। अटेंडेंट ने ऐसी कोच में रखा अग्निशमन यंत्र से आग बुझाई और एसी कोच के निचले हिस्से से निकल रहे चिंगारी व धुंए पर काबू पाया गया।

बताया जा रहा है कि ट्रेन के ब्रेक शू जाम हो गए थे जिसके कारण पहियों में उनके रगड़ने से तेजी से धुआं निकला और कोच के अंदर भर गया जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल पैदा हो गया था। कोच कंडक्टर ने गार्ड और ड्राइवर से संपर्क किया जिसके बाद झुकेही स्टेशन पर ट्रेन रोककर रेलवे स्टाफ की मदद से आग बुझाई गई और जला हुआ ब्रेक शू अलग कर दिया गया। इस घटना से ट्रेन 45 मिनट तक झुकेही रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही।

मैहर में होती जांच तो नहीं होती घटना-

रेलवे के सीएंडडब्ल्यू विभाग के कर्मचारियों द्वारा बड़े रेलवे स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों के पहियों का प्लेटफार्म के आउटर पर निरीक्षण किया जाता है। कई कर्मचारियों को इसके लिए थर्मल स्कैनिग मशीन भी दी गई है जिससे ब्रेक शू जाम होने वाले पहियों के गर्म होने की दशा में पहले ही जानकारी मिल जाती है और उन्हें सुधार लिया जाता है लेकिन मैहर में ऐसा नहीं होता जिसके कारण सभी ट्रेन सीधे अगले स्टेशन को निकल जाती हैं। अगर मैहर में भी सीएंडडब्ल्यू विभाग का कर्मचारी होते तो यह घटना सामने नहीं आती।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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