सतना, नईदुनिया प्रतिनिधि। हौसला अगर आसमान छूने का हो और एक बार मन बना लिया जाए तो चांद की दूरी भी कम लगती है। राजनीति में यह थोड़ा कठिन जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। कुछ इसी प्रकार का संकल्प लेकर राजनीति के मैदान में उतरीं चित्रकूट जिला सतना की साधना पटेल आज प्रदेश में सबसे कम उम्र की नगर परिषद अध्यक्ष बनने का खिताब अपने नाम किया है। वे महज 22 वर्ष की हैं। इन्होंने न केवल चित्रकूट नगर परिषद में अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया बल्कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को पहली बार कांग्रेस के गढ़ चित्रकूट नगर परिषद में जीत दिलाई है। इस उपलब्धि के बाद भाजपा खेमे में जमकर उत्साह है। वहीं हर बड़ा भाजपा नेता साधना पटेल को इस उपलब्धि पर बधाई दे रहा है।

तीन मतों से सोमवार को मिली थी जीत :

चित्रकूट नगर परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए सोमवार को निर्वाचन की प्रक्रिया की गई थी। जहां चित्रकूट के वार्ड नंबर-13 चौबेपुर से पार्षद बनीं साधना पटेल को भजपा ने अपना अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया था। इस निर्वाचन में साधना को 9 मत मिले थे जबकि कांग्रेस की चुन्नी यादव को 6 मत मिले। इस निर्वाचन में 3 मतों से भाजपा की साधना पटेल विजयी हुई। उपाध्यक्ष के निर्वाचन में भाजपा के आशीष शर्मा ने कांग्रेस के रविमाला को 5 मतों से हरा दिया। आशीष को 10 व रविमाला को 5 मत ही मिले।

चित्रकूट को विश्व पटल पर देखना चाहती हैं साधना:

चित्रकूट नगर पंचायत की अध्यक्ष बनने वाली साधना पटेल बीएलएड (बैचलर आफ एलिमेंटरी एजुकेशन) की छात्रा है। यह शिक्षा के क्षेत्र में जाने के लिए अतिरिक्त डिग्री कोर्स होता है। साधना महज 22 वर्ष की हैं और चित्रकूट स्थित महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से ही पढ़ाई कर रही हैं। साधना चित्रकूट के वार्ड नंबर 13 चौबेपुर से पार्षद का चुनाव जीती थी। भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए साधना को अपना उम्मीदवार बनाया था। जिले सहित प्रदेश के नगरीय निकायों में जीत दर्ज करने वाले अध्यक्ष-उपाध्यक्षों में साधना सबसे कम उम्र की नगर परिषद अध्यक्ष बनीं हैं। इस अवसर पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष साधना पटेल ने नगरवासियों को आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाया है उनकी मैं सेवा करूंगी। जो योजनााएं हैं उनका लाभ दिलाऊंगी, चित्रकूट को पर्यटन स्थल बनाऊंगी। उन्होंने कहा कि वे चित्रकूट को पर्यटन के क्षेत्र में विश्व पटल पर देखना चाहती हैं और इसके लिए वे लगनशीलता से कार्य करेंगी।

किसान परिवार से हैं साधना, राजनीति से नहीं था वास्ता:

साधना का परिवार चौबेपुर चित्रकूट के पथरा में निवास करता है। साधना का परिवार एक साधारण किसान परिवार है। उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति राजनीति में नहीं है। उन्होंने बताया कि वे चुनाव की चर्चा सुनतीं रहतीं थीं। अचानक उन्हें भी इसमें दिलचस्पी हुई और उसने स्वजनों से इस संबंध में चर्चा की। जिसके बाद स्वजनों की सहमति के बाद वे पार्षद पद के लिए नामांकन करने की सोचीं लेकिन इसी बीच भाजपा के नेताओं का उन्हें समर्थन मिल गया और उन्हें भाजपा के समर्थन में चुनाव लड़ने की प्रेरणा मिली और पार्षद प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की। साधना ने बताया कि उन्होंने सोचा ही नहीं था कि भाजपा उन्हें अध्यक्ष पद के लिए भी आगे कर देगी और फिर इसी तरह अध्यक्ष पद के लिए भी उन्हें चुन लिया गया।

विजयी जुलूस में शामिल हुए सांसद:

चित्रकूट में पहली बार नगर परिषद में भाजपा के प्रत्याशी की जीत के बाद कार्यकर्ताओं में अति उत्साह देखने मिला। यहां साधना का उत्साहवर्धन करने खुद सांसद गणेश सिंह चित्रकूट पहुंचे और विजय जुलूस में शामिल हुए।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close