सतना, नईदुनिया प्रतिनिधि। Satna Crime News: सतना (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सतना जिले के सिंहपुर थाना के लॉकअप में चोरी के संदेही की थानेदार की सर्विस रिवॉल्वर से हुई मौत के बाद बवाल मच गया है। मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंच गए हैं और सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों का सीधा आरोप है कि थानेदार ने शराब के नशे में गोली मार कर राजपति कुशवाहा की हत्या कर दी है। उधर थाना में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने आरोपो के घेरे में आये सब इंस्पेक्टर विक्रम पाठक और आरक्षक आशीष को निलंबित कर दिया है। न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए गए है। मामले में थाना प्रभारी की सर्विस रिवाल्वर जब्त कर ली गई है। ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस कर्मियों को हटा दिया गया, नए थाना प्रभारी की हुई पदस्थापना की गई है। घटना स्थल से साक्ष्य एकत्रित किए गए। उधर रीवा में पंचनामा की कार्रवाई शुरू हुई। पीएम की वीडियोग्राफी होगी, एडीजे सतना रीवा पहुंच गए हैं।

बांए राजपति कुशवाहा जिसकी मौत हुई और दांए सब इंस्पेक्टर विक्रम पाठक जिस पर गोली चलाने का आरोप है।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने ट्वीट कर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि थाने में पूछताछ के लिए लाए गए व्यक्ति को लॉकअप में गोली मार दी गई। स्वजन पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें शव नहीं दिया गया। इसकी उच्चस्तरीय जांच हो। वहीं विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। जो भी दोषी हों उनके खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर कड़ी कार्रवाई हो।


गौरतलब है कि सिंहपुर थाना इलाके के नारायणपुर गांव में बढ़ईगीरी और राजगीर मिस्त्री का काम करने वाले राजपति कुशवाहा 45 वर्ष की रविवार की रात सिंहपुर थाना के अंदर गोली लगने से मौत हो गई। जिस बंदूक से राजपति को गोली लगी वह सिंहपुर थाना प्रभारी विक्रम पाठक की सर्विस रिवॉल्वर थी। गोली लगने के बाद राजपति को सिंहपुर थाना से बिरला अस्पताल ले जाया गया था जहां उसकी मौत हो गई थी बावजूद इसके उसे रीवा मेडिकल कालेज ले जाया गया।

सुबह जब परिजन थाना पहुंचे तो पता चला कि राजपति की मौत हो चुकी है। यह सूचना नारायणपुर पहुंची तो मृतक की पत्नी बच्चों समेत सैकड़ा भर ग्रामीण सिंहपुर पहुंच गए । परिजन और ग्रामीण थाना के सामने सड़क पर बैठ गए और उन्होंने नागौद कालिंजर मार्ग पर आवागमन ठप कर दिया। मृतक की पत्नी और अन्य परिजनो का आरोप है कि पुलिस ने लल्लू गर्ग नाम के व्यक्ति के इशारे पर राजपति को चोरी के संदेह में रविवार की दोपहर लगभग 2 बजे घर से उठाया था। थानेदार विक्रम सिंह , आरक्षक आशीष सिंह और नीरज त्रिपाठी उसे थाना ले आये थे। रात में जब राजपति का भांजा थाना भोजन ले कर आया तो उसे भगा दिया गया। कुछ ही देर बाद रात लगभग सवा 9 बजे उसने थाना के अंदर गोली चलने की आवाज सुनी। थोड़ी देर बाद पुलिस कर्मी किसी को गाड़ी में लाद कर ले गए ।

नारेबाजी की रास्ता रोका और बोले हमे भी मार दो गोली

बेहद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण पुलिस को खुली चुनौती पेश करते हुए धरने पर तो बैठे ही थे पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे। पुलिस के वाहनों कें रास्ते पर लेट गए नाराज लोग एसडीओपी, एडिशनल एसपी और आरआई से भी उलझ गए। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस अब हमें भी गोली मार दे । इस दौरान पुलिस और नाराज लोगो के बीच कई बार झड़प भी हुई।

विधायक सिद्धार्थ कुशवाह डब्बू भी सिंहपुर पहुंचकर मृतक के परिजनों से जानकारी ली।

रीवा में है शव

सिंहपुर थाना भवन के अंदर पुलिस की अभिरक्षा में पुलिस की ही गोली लगने से मृत राजपति कुशवाहा का शव मेडिकल कालेज रीवा में है। उसे रात में ही रीवा ले जाया गया था। परिजन शव सामने लाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस माहौल को ठंडा करने की कोशिश कर रही है। सिंहपुर थाना में एडिशनल एसपी हितिका वासल, गौतम सोलंकी, आरआई सत्यप्रकाश मिश्रा, एसडीओपी और टीआई नागौद ,सिविल लाइन टीआई समेत एसएएफ और जिला पुलिस बल के जवान भारी संख्या में तैनात किए गए हैं। उधर रैगांव और नारायणपुर में भी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

पुलिस का यह है तर्क

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान राजपति ने थाना प्रभारी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और स्वयं को गोली मार ली। वहीं आरोप हैं कि थाना प्रभारी ने रिवॉल्वर अड़ाकर संदेही से पूछताछ की और ट्रिगर दबने से गोली चल गई जो सीधे सिर पर लगी है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने सिंहपुर घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की

विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सतना जिले के सिंहपुर थाने में पुलिस कस्टडी में नारायणपुर निवासी राजपति कुशवाहा की गोली लगने से हुई मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है| अजय सिंह ने जारी बयान में कहा है कि थाने के अंदर पुलिस की सर्विस रिवॉल्वर से किसी व्यक्ति की मौत हो जाना बेहद गंभीर मामला है| इस मामले में जो भी दोषी हों उनके खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर कड़ीं से कड़ीं कार्यवाही होनी चाहिये| अजय सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंचों पर प्रदेश में अपराध कम होने का दावा करते हुए अपनी पीठ थपथपाते हैं वहीं दूसरी ओर अपराधी तो दूर पुलिस के दामन पर ही दाग लग रहे हैं| सिंह ने साफ कहा की सिंहपुर घटना से पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं जिसकी उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है| इसके साथ ही इस मामले में जो भी दोषी हों उन्हें नही बख्शा जाना चाहिए।

स्वजन के लगाए जा रहे आरोप की जांच कराई जाएगी। उनके द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन गलत है। स्थिति चिंताजनक लेकिन नियंत्रण में है। रीवा, जबलपुर व सागर से फोर्स भेजी जा चुकी है। हम स्वजन से बात करने का प्रयास कर रहे हैं। -उमेश जोगा, आईजी रीवा।

Posted By: Prashant Pandey

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