सतना। नईदुनिया प्रतिनिधि

कई जन्मो के बाद भागवत कथा श्रवण करने का पुण्य लाभ मानव जाति को मिलता है। भागवत कथा महात्म की कथा है। इसकी महिमा को जानने के बाद ही विश्वास जागता है। तभी इसे प्राप्त करने की अभिलाषा भी उत्पन्न होती है। प्रथम दिवस की कथा में श्रीमद भागवत के महत्व के बारे में कथा व्यास महाराज व्यंटेशा नंद महाराज ने बताया श्रीमद भागवत महापुराण कथा सुनने का अवसर मनुष्यों/प्राणियों को भी शुभ अवसर प्राप्त होता है। उन्होने कहा कि श्रीमद भागवत महापुराण में एक-एक शब्द ही नारायण है। धवारी स्थित मंगल भवन में त्रिपाठी बंधुओं द्वारा आयोजित संगीमयी श्रीमद भागवत कथा का शुक्रवार से प्रारंभ कर दिया गया है।

महाराज ने बताया कि विधि को पूर्ण नहीं कर सकते हैं। लेकिन सेवा को बहुत ही सरल है। विधि में त्रुटि हो जाए तो दंड के भागी बन जाते हैं। लेकिन सेवा में हर दंड क्षमा योग्य हो जाता है। इसी क्रम में युवराज स्वामी, बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज का भव्य स्वागत कलेक्टे्रट तिराहे स्थित मंदिर के पास हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा अपने साथ किया। इस अवसर पर कथा आयोजक आलोक त्रिपाठी, अनीता त्रिपाठी, चंद्रकमल त्रिपाठी उपस्थित थे। नारायण त्रिपाठी (विधायक), लक्ष्मी यादव, दयानंद कुशवाहा, प्रभुनाथ शुक्ला, संजीव भल्ला, विनय कमल त्रिपाठी, सूर्यकमल त्रिपाठी, सुकीर्ति त्रिपाठी, कमल रजंन त्रिपाठी , पालन चतुर्वेदी, राजनारायण तिवारी, राजदीप सिंह मोनू, शैलेंद्र त्रिपाठी साहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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