सीधी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सीधी जिले के कोटहा मोहल्ले में एक गरीब परिवार के पास दाह संस्कार के लिए रुपए नहीं थे, ऐसे में उसे अंतिम संस्कार करने के बजाए शव को सोन नदी में ले जाकर प्रवाहित करना पड़ा। घटना रविवार की है। इसकी जानकारी सोमवार को कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को मिली तो उन्होंने नगर पालिका परिषद से पांच हजार की आर्थिक सहायता राशि मृतक के स्वजन को मुहैया कराई है। कोटहा मोहल्ला निवासी महेश कोल की पत्नी की दुआसिया (62) लंबे समय से बीमार थीं। रविवार सुबह घर पर ही पत्नी की मौत हो गई। स्वजन गरीबी की वजह से शव का दाह संस्कार करने में सक्षम नहीं थे।

ऐसे में पीड़ित परिवार नगर पालिका से मदद के लिए गए लेकिन रविवार के कारण दफ्तर बंद था और अधिकारी भी नहीं मिले। लिहाजा स्वजन मजबूरन एक रिक्शा ठेले में शव को जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर सोन नदी में प्रवाहित करने को लेकर चल पड़े। मृतका के स्वजनों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका से शव वाहन की मांग की थी लेकिन नहीं मिला और रुपए नहीं थे इसलिए शव को सोन नदी में प्रवाहित कर दिया।

मेरी बहन लंबे समय से बीमार थी। रविवार सुबह मौत हो गई। शव वाहन नहीं मिलने से हाथ रिक्शे से शव को सोन नदी ले गए। पैसा न होने के कारण दाह संस्कार नहीं कर सके और शव को नदी में प्रवाहित कर दिया है। - रामावतार कोल, मृतका का भाई

मृतक परिवार के स्वजन नगर पालिका में नहीं आए थे। किसी ने उन्हें यह कह दिया कि आज रविवार है कोई नहीं मिलेगा तो वह बाहर से ही वापस चले गए। यदि वह नगर पालिका आते तो उन्हें जरूर शव वाहन और आर्थिक सहायता मिलती। मृतका को वृद्घा पेंशन भी मिल रही थी। मृतका के स्वजन को पांच हजार की आर्थिक मदद सोमवार को उपलब्ध कराई है। - अमर सिंह, सीएमओ नगर पालिका परिषद सीधी

Posted By: Nai Dunia News Network

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